मांगें नहीं सुलझीं तो स्कूल में ही धरना देंगी रसोईया-संयोजिका, संघ ने बनाई रणनीति

झारखंड के गुमला में विद्यालय रसोईया-संयोजिका की समस्याओं के समाधान के लिए संघ ने नई रणनीति तैयार की है. मांगों को लेकर अब सीधे स्कूल स्तर पर आंदोलन होगा, ताकि समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके.

गुमलाः विद्यालयों में रसोईया-संयोजिका की समस्याओं के समाधान को लेकर अब आंदोलन को सीधे स्कूल स्तर तक ले जाने की तैयारी है. झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोईया-संयोजिका अध्यक्ष संघ की जिला स्तरीय बैठक गुमला ब्लॉक परिसर में हुई. बैठक में रांची में 7 से 12 अगस्त तक चले धरना-प्रदर्शन की समीक्षा की गई. साथ ही संगठन को मजबूत करने और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई.

जिस स्कूल में समस्या, वहीं होगा आंदोलन

जिला अध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष देवकी देवी ने कहा कि जिस विद्यालय में रसोईया-संयोजिका की समस्या होगी, संबंधित कर्मी उसी विद्यालय में बैठकर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर की समस्या के समाधान के लिए प्रत्येक संकुल से बारी-बारी से रसोईया-संयोजिका आंदोलन में शामिल होंगी.

ये भी पढ़ें- PNB के 1 करोड़ के लोन में गड़बड़ी का आरोप, मुकेश ट्रेडिंग के प्रोपराइटर पर केस

जिला स्तर की समस्या पर सभी प्रखंडों की भागीदारी

संघ ने तय किया कि जिला स्तर की समस्या होने पर सभी प्रखंडों से क्रमवार भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. बैठक में विद्यालय कमेटियों को मजबूत करने और प्रखंड स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने पर भी जोर दिया गया. संघ ने कहा कि मांगों के समाधान के लिए आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा.

बैठक की अध्यक्षता देवकी देवी ने की, जबकि संचालन प्रखंड अध्यक्ष शोभा देवी ने किया. मौके पर प्रखंड सचिव बिनाईकी देवी, कोषाध्यक्ष सरस्वती देवी समेत बड़ी संख्या में रसोईया एवं संयोजिका उपस्थित थीं.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >