Gumla Bank Fraud: ग्राहकों के सेविंग अकाउंट से 27 लाख गायब, आंतरिक जांच में खुला राज, FIR दर्ज

झारखंड ग्रामीण बैंक की बनारी शाखा में 27 लाख से अधिक की राशि की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. आंतरिक जांच में एक कर्मी पर FIR दर्ज की गई है.

बसंत कुमार की रिपोर्ट

बिशुनपुर (गुमला). झारखंड ग्रामीण बैंक की बनारी शाखा में जुलाई 2024 से सितंबर 2025 के बीच ग्राहकों के बचत खातों से कथित रूप से बिना अनुमति राशि निकासी का मामला सामने आया है. बैंक के शाखा प्रबंधक नीरज कुमार मिश्रा के आवेदन पर बिशुनपुर थाना में तत्कालीन कार्यालय सहायक अंकित राज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. बैंक प्रबंधन के अनुसार, आंतरिक जांच में कुछ ग्राहकों के खातों से बिना हस्ताक्षरित निकासी पत्र या चेक के राशि निकाले जाने की बात सामने आयी. क्षेत्रीय स्तर पर करायी गयी जांच में अब तक कुल 27 लाख 97 हजार 500 रुपये की कथित अनियमित निकासी सामने आने की जानकारी दी गयी है.

ग्राहकों के खातों में वापस की गयी राशि

बैंक के अनुसार, प्रभावित ग्राहकों के खातों में निकाली गयी राशि वापस कर दी गयी है. हालांकि, बैंक प्रबंधन ने यह भी बताया है कि जांच आगे बढ़ने पर कथित अनियमित निकासी की राशि में बढ़ोतरी हो सकती है. शाखा प्रबंधक ने पुलिस को दिये आवेदन में तत्कालीन कार्यालय सहायक अंकित राज के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोप में कार्रवाई करने का अनुरोध किया था.

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पुलिस कर रही मामले की जांच

बिशुनपुर पुलिस ने बैंक प्रबंधन के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. थाना प्रभारी अर्जुन कुमार यादव ने बताया कि बैंक प्रबंधक के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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