गुमला में पांच हजार से अधिक नवसाक्षरों ने दी आकलन परीक्षा, साक्षरता कौशल का हुआ मूल्यांकन

गुमला जिले में 100 संकुलों में 5000 से अधिक नवसाक्षरों ने 'उल्लास नव भारत साक्षरता' कार्यक्रम के तहत आकलन परीक्षा दी. इस परीक्षा का उद्देश्य मूलभूत साक्षरता कौशल और दैनिक जीवन से जुड़े ज्ञान का मूल्यांकन करना था.

गुमला. उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले के असाक्षर व्यक्तियों को साक्षरता की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिलांतर्गत 100 संकुल क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों में संचालित जनचेतना केंद्रों में आकलन परीक्षा का आयोजन किया गया. इस आकलन परीक्षा में पांच हजार से अधिक नवसाक्षरों ने भाग लिया.

आकलन परीक्षा के माध्यम से नवसाक्षर प्रतिभागियों में विकसित मूलभूत साक्षरता कौशल का आकलन किया गया. इसमें पढ़ने-लिखने की क्षमता, सरल गणना एवं संख्यात्मक योग्यता के साथ दैनिक जीवन से जुड़े सामान्य ज्ञान, व्यवहारिक समझ एवं आवश्यक जीवनोपयोगी जानकारी का परीक्षण किया गया.

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों में जागरूकता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ आर्थिक सशक्तिकरण एवं बेहतर जीवन स्तर का मार्ग प्रशस्त करता है. जिले के असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है.

जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि मूल्यांकन परीक्षा में सफलतापूर्वक शामिल होकर निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले प्रतिभागियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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