MDM बनाने के दौरान गर्म दाल से झुलसी रसोइया, इलाज के लिए विभाग से मदद की गुहार

गुमला के बालिका मध्य विद्यालय में एमडीएम बनाते समय रसोइया प्रबिला खेस गर्म दाल से झुलस गईं. आर्थिक तंगी के कारण संघ ने सरकार से इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है.

गुमलाः चैनपुर प्रखंड स्थित बालिका मध्य विद्यालय चैनपुर में मध्याह्न भोजन बनाने के दौरान गर्म दाल गिरने से रसोइया प्रबिला खेस झुलस गयीं. घटना 12 अगस्त 2026 की है. हादसे के बाद विद्यालय की शिक्षिकाओं और अन्य लोगों ने तत्काल उनकी मदद की. लेकिन अधिक झुलसने के कारण इलाज में काफी खर्च आ रहा है, जिससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

पति की मौत, तीन बेटियों की जिम्मेदारी

विद्यालय रसोइया-संयोजिका अध्यक्ष संघ ने प्रबिला खेस के इलाज के लिए विभाग या सरकार से आर्थिक सहायता देने की मांग की है. संघ की प्रखंड अध्यक्ष बासमती देवी और जिलाध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष देवकी देवी ने भी अपनी ओर से आर्थिक सहयोग किया है. संगठन के अनुसार प्रबिला के पति का निधन हो चुका है और उनकी तीन छोटी बेटियां हैं. ऐसे में इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बेहद मुश्किल है.

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उपायुक्त को भेजी घटना की तस्वीर और वीडियो

संघ की जिलाध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष देवकी देवी ने बताया कि घटना की तस्वीर और वीडियो उपायुक्त को भेजे गये हैं. विभाग की ओर से लिखित आवेदन मांगा जाता है, तो वह भी उपलब्ध कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि रसोइया रोजाना गैस और आग के बीच काम करती हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है.

सरकार से पूरा इलाज खर्च उठाने की मांग

देवकी देवी ने सरकार और विभाग से प्रबिला खेस के इलाज का पूरा खर्च वहन करने की मांग की है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण उनका इलाज प्रभावित न हो. इधर, घटना के बाद स्कूल परिवार की ओर से भी कुछ आर्थिक मदद की गयी है, लेकिन अधिक जलने के कारण इलाज के लिए और राशि की जरूरत है. संगठन ने पीड़ित रसोइया के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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