दुर्जय पासवान
गुमला : गुमला जिले में एक साल के अंदर 21 हजार 324 बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया. शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इन बच्चों का स्कूल में दाखिला है. परंतु बच्चों ने स्कूल जाना क्यों छोड़ा, इसका जवाब शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों के पास नहीं है. ऐसे शिक्षकों की माने, तो स्कूलों में संसाधन व सुविधा के अभाव के कारण अधिकतर बच्चे स्कूल नहीं आते हैं.
कई बच्चे माता-पिता के साथ काम के लिए दूसरे राज्य पलायन कर जाते हैं. माता-पिता ने बच्चों का स्कूल में दाखिला तो करा दिया, परंतु स्कूल नहीं भेजते हैं. शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गुमला जिले के 717 स्कूलों में एक लाख 12 हजार 862 बच्चों का नामांकन है. इसमें 91 हजार 538 बच्चे ही स्कूल आते हैं. 21 हजार 324 बच्चों ने स्कूल आना छोड़ दिया है.
सरकारी वादे गुमला में फेल
शिक्षा के नाम पर सरकारी वादे गुमला में फेल है. ‘सब पढ़े सब बढ़े’ जुमला बन कर रह गया है, क्योंकि गुमला में नामांकन के बावजूद 21 हजार 324 बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं. कारण स्पष्ट है. स्कूल में शिक्षक नहीं रहते, संसाधन भी नहीं है. सरकार ने स्कूलों में बच्चों के ठहराव के लिए मिड डे मील शुरू की है, लेकिन मिड डे मील भी स्कूलों में बच्चों का ठहराव रोकने में विफल है. क्योंकि सरकार ने जो वादे किये, वे पूरे नहीं हो रहे हैं.
गुमला जिले में जुमला बना
‘सब पढ़े सब बढ़ें’
नामांकन के बावजूद 21324
बच्चे स्कूल नहीं जाते
मिड डे मील बच्चों का ठहराव रोकने में विफल है
लड़कियां सबसे कम स्कूल जाती हैं
शिक्षा विभाग ने बिशुनपुर प्रखंड के कुछ स्कूलों के गायब बच्चों का प्रोफाइल तैयार किया है. प्रोफाइल के अनुसार अधिकतर लड़कियां स्कूल जाना छोड़ देती हैं. नाम, पता लिखने व थोड़ा बहुत शिक्षा लेने के बाद लड़कियां घर पर रहती हैं. घर के कामकाज में हाथ बंटाने लगती हैं या फिर काम के लिए पलायन कर जाती हैं. कई लड़कियों की कम उम्र में शादी भी कर दी जाती है.
माता-पिता के साथ बच्चे भी पलायन करते हैं
एडीपीओ नलिनी रंजन ने कहा कि बहुत बच्चों ने सरकारी स्कूल के अलावा निजी स्कूलों में भी दाखिला ले लिया है. इस कारण सरकारी स्कूलों में बच्चे कम हैं. कई बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने गांव के नजदीक के दो-दो स्कूलों में दाखिला ले लिया है. बहुत बच्चे नामांकन कराने के बाद अपने माता-पिता के साथ किसी दूसरे स्थान पर पलायन कर जाते हैं. जिस कारण स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम रहती है. ऐसे जो बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं, उनका स्कूल में ठहराव की पहल की जा रही है. बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए नामांकन अभियान पुन: चलेगा.
प्रखंडवार विद्यार्थियों का नामांकन व उपस्थिति
प्रखंड स्कूल सं. नामांकित उपस्थित अनुपस्थित
गुमला 112 46238 36930 9308
घाघरा 82 12117 9893 2224
बसिया 46 4806 3957 849
कामडारा 31 2899 2401 498
सिसई 81 12081 9959 2122
बिशुनपुर 57 5576 4552 1024
प्रखंड स्कूल सं. नामांकित उपस्थित अनुपस्थित
भरनो 64 9280 7597 1683
पालकोट 78 6208 5052 1156
रायडीह 61 5707 4679 1028
डुमरी 65 4891 3990 901
चैनपुर 40 3059 2528 531
कुल 717 112862 91538 21324
