एसपी ने बच्चों को पढ़ाया

गुमला : नक्सल ए श्रेणी गुमला में पुलिस ने अच्छी पहल की है. पुलिस अब स्कूल व कॉलेज के बच्चों को पढ़ायेगी. बच्चों की रूचि के अनुसार उन्हें प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करायी जायेगी. इसकी शुरुआत बुधवार से हुई. खुद पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार झा एक घंटे के लिए शिक्षक बने. वे सरस्वती शिशु विद्या […]

गुमला : नक्सल ए श्रेणी गुमला में पुलिस ने अच्छी पहल की है. पुलिस अब स्कूल व कॉलेज के बच्चों को पढ़ायेगी. बच्चों की रूचि के अनुसार उन्हें प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करायी जायेगी. इसकी शुरुआत बुधवार से हुई. खुद पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार झा एक घंटे के लिए शिक्षक बने. वे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर गुमला के 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को कैरियर काउंसिलिंग के टिप्स दिये.

एसपी ने कहा कि माध्यमिक परीक्षा ही छात्र जीवन की कैरियर की पहली सीढ़ी होती है. मैट्रिक के परीक्षार्थी सिर्फ बोर्ड परीक्षा में ही अपना ध्यान केंद्रित कर पढ़ाई करें. परीक्षा अच्छा देकर ही आप आगे के बारे में सोंच सकते है कि आगे आप सबों को किस विषय में पढ़ाई करनी है. उन्होंने 12वीं के छात्र-छात्राओं को आइआइटी जेइ व मेंस के संबंध में भी जानकारी दी. कहा कि यह इंजीनियरिंग क्षेत्र है. इसमें आइआइटी जेइ की परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थी ही मेंस की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. वर्ष 2001 में इंडिया में सिर्फ पांच इंजीनियरिंग कॉलेज थे, लेकिन वर्तमान में 15 से 20 कॉलेज हैं. कुछ प्राइवेट भी हैं, लेकिन झारखंड में एक भी नहीं है. सिर्फ आइएसएम धनबाद किसी इंजीनियरिंग कॉलेज से जुड़ कर यह कोर्स करा रहा है.

इंजीनियरिंग के लिए साइंस में पकड़ हो

इंजीनियरिंग के लिए भौतिकी, रसायन व गणित विषय पर अच्छी पकड़ व समझ होनी चाहिए. परीक्षा चार विषयों की होती है. पूर्व से वर्तमान में कुछ पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है. सिर्फ वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र आते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि कौन सी किताब आप गणित विषय के लिए पढ़ते हो. इस पर विद्यार्थियों ने कहा कि आरएस अग्रवाल की किताब से पढ़ाई करते हैं. एसपी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे एनसीआरटी की किताब को अच्छी तरह से पढ़ें. इंजीनियरिंग में अपना व्यक्तिगत अनुभव बताते हुए कहा कि मैं भौतिकी की पुस्तक लेखक एचसी वर्मा का पढ़ता था. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कई बार पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है, लेकिन किताब इतनी सरल भाषा में है और इतनी सटीक है कि इसमें पाठ्यक्रम में बदलाव के बाद भी बदलाव की नौबत नहीं आयी है.

मेडिकल की तैयारी के बारे में पूछा

छात्राओं द्वारा मेडिकल की तैयारी कैसे करने पर उन्होंने बताया कि जिस तरह इंजीनियरिंग में चार विषय होते हैं, उसी प्रकार मेडिकल के क्षेत्र में चार विषय अनिवार्य हैं, जिसमें भौतिकी, रसायन, जूलॉजी व बॉटनी विषय जरूरी है. मेडिकल में एनइइटी की परीक्षा होती है, जिसमें भौतिकी 45, रसायन 45 व बॉटनी व जूलॉजी 90 नंबर का होता है. विद्यार्थियों से कहा कि स्कूल के किताब के अलावा एक और अच्छे लेखक की लिखी किताब पढ़ें. वे और अधिक लाभदायक सिद्ध होगी.

मैं अपना अनुभव बांटने आया हूं

मैं आपको अपने अनुभव बांटने आया हूं. मैं किताब थोपने नहीं आया हूं. आप सभी ऐसा नहीं सोचेंगे. उन्होंने 12वीं के विद्यार्थियों से न्यूटन के सिद्धांत के संबंध में जानकारी ली. वहीं एसपी ने भौतिकी विषय में मास, स्केलर व वेक्टर के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी.

कहा कि साइंस के विद्यार्थी अपना स्तंभ मजबूत नहीं करेंगे, तो आगे सफल नहीं हो सकेंगे. जब तक समझ में नहीं आये, तब तक आगे के चैप्टर में नहीं बढ़ें. छात्र-छात्राओं ने विभिन्न पदों में ऑफिसर बनने के संबंध में जानकारी ली. एसपी ने शिक्षक अंदाज में उन्हें समझाते हुए उत्साहित किया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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