गुमला : वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत गुरुवार को गुमला के कुल्ही वन में पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस अवसर पर वनपाल घनश्याम चौरसिया, वनरक्षी एंथोनी लकड़ा एवं वन प्रबंधन व संरक्षण समिति के अध्यक्ष सुकरा उरांव ने एक-एक तसर पोषक पौधा लगा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. मौके पर वनपाल घनश्याम चौरसिया ने कहा कि 30 हेक्टेयर वाले कुल्ही वनक्षेत्र में 50 हजार तसर पोषक पौधा लगाना है.
पौधारोपण का यह कार्यक्रम तभी सफल होगा, जब कुल्ही गांव के ग्रामीण इसमें सहयोग करेंगे. पौधा लगाने के बाद इसकी देखरेख की जिम्मेवारी यहां के ग्रामीणों व वन प्रबंधन व संरक्षण समिति की होगी. श्री चौरसिया ने कहा कि जल, जंगल व जमीन के संरक्षण की दिशा में सरकार ने इस वर्ष वृहद रूप से वृक्षारोपण कराने का निर्णय लिया है. पेड़ ही बादलों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, जिससे बारिश होती है और पेड़ ही मिट्टी को बांध कर रखती है, जिससे मिट्टी का कटाव नहीं होता है.
पेड़-पौधों से ही हमें विभिन्न प्रकार के फल, औषधि, जलावन के लिए लकड़ी, कपड़ा बनाने की सामग्री सहित कई महत्वपूर्ण चीजें मिलती है. हमारे जीवन में हर मायने में पेड़-पौधों का बहुत ही महत्व है, इसलिए हमें पेड़-पौधों का संरक्षण और अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने की जरूरत है.
वन प्रमंडल में वन महोत्सव आज
गुमला. वन प्रमंडल कार्यालय सह आवासीय कालोनी परिसर में आठ जुलाई को वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. कार्यक्रम में कैंपा झारखंड के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एके पांडेय मुख्य रूप से शामिल होंगे. यह जानकारी वनपाल घनश्याम चौरसिया ने दी.
