आयोजन. महिला उत्पीड़न परामर्श केंद्र में हुई सुनवाई
गुमला : महिला थाना परिसर में शनिवार को महिला उत्पीड़न परामर्श केंद्र में 18 में सात मामले का निष्पादन किया गया. शेष 11 मामलों में द्वितीय पक्ष अनुपस्थित होने के कारण निष्पादन नहीं हुआ. उक्त मामलों को अगली तिथि निर्धारित की गयी है. पहले मामले में बीएलओ बसंती देवी ने वार्ड नंबर सात के पार्षद कृष्णा राम के विरुद्ध नगर परिषद की बोर्ड की बैठक कर उसे बीएलओ की नौकरी से निकालने का आरोप लगाया था. काफी समझाने के बाद भी उक्त मामले में सुनवाई नहीं हो सकी.
उक्त मामले को अगली तिथि निर्धारित कर दी गयी है. दूसरे मामले में चंदाली निवासी सरिता लकड़ा ने बसुवा निवासी अपने प्रेमी कार्तिक उरांव पर बहला कर यौन शोषण करने व शादी से इंकार करने का आरोप लगाया है. दोनों पक्षों को सामाजिक रीति रिवाज के साथ विवाह करने पर समझौता कराया. तीसरे मामले में चाहा निवासी निर्मला देवी ने अपने पति पवन सिंह के विरुद्ध शराब पीकर मारपीट कर घर से निकालने का आरोप लगाया. दोनों पक्षों को समझा कर पवन को शराब पीने से मना करने का बांड भरवा कर आपसी सुलह कराया.
चौथे मामले में डीएसपी रोड निवासी श्वेता सिंह ने मदनपुर बाइपास गया निवासी पति समित कुमार सिंह, सास कौशल्या देवी व ननद पर दहेज मांगने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. दोनों पक्षों की बात सुन कर आपसी सहमति से दोनों पक्षों में सुलह कराया. पांचवें मामले में हाफू कामडारा निवासी गोपाल महतो ने मुरकुंडा चापाटोली निवासी अपनी पत्नी सुलोचना कुमारी के विरुद्ध उसे छोड़ कर अपने प्रेमी के साथ भागने का आरोप लगाया था.
दोनों को समझाने के बाद सुलोचना ने अपने पति के साथ रहने से इंकार करते हुए स्वेच्छा से तलाक लेने का आवेदन देकर सुलह कराया. छठवें मामले में सिलाफारी निवासी ललिता उराइंन ने अपने पति नंदू उरांव के विरुद्ध दहेज में एक बाइक मांगने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. इस पर आवेदकों ने पंचायती कर सुलह होने की बात व आवेदन देकर सुलह कराया. सातवें मामले में डुमरी नवाडीह निवासी सुकरमनी देवी ने अपने पति जसवंत भगत पर मारपीट कर घर से निकालने का आरोप लगाया था.
दोनों पक्षों को समझा कर आपसी सुलह कराया. मौके पर आरगेन कच्छप, सुमिता चटर्जी, महिला थाना प्रभारी विमल कुमार श्रीवास्तव, एसआइ अशोक कुमार तिवारी, अंगद कुमार सिंह, सरिता देवी, मोनिका उरांव, नूरजहां खातून, सुनीता उरांव व महिला हवलदार पावेन लकड़ा मौजूद थे.
