जर्जर भवन से कभी भी हो सकता है हादसा

चैनपुर(गुमला) : चैनपुर प्रखंड के महेशपुर गांव स्थित आदिम जनजाति आवासीय स्कूल का भवन जजर्र हो गया है. भवन की छत टूट कर गिर रही है. यहां कभी भी हादसा हो सकता है. मंगलवार को पीएम 15 सूत्री कार्यक्रम के सदस्य मोजेश बाखला ने डीसी श्रवण साय को आवेदन सौंप कर स्कूल की स्थिति से […]

चैनपुर(गुमला) : चैनपुर प्रखंड के महेशपुर गांव स्थित आदिम जनजाति आवासीय स्कूल का भवन जजर्र हो गया है. भवन की छत टूट कर गिर रही है. यहां कभी भी हादसा हो सकता है. मंगलवार को पीएम 15 सूत्री कार्यक्रम के सदस्य मोजेश बाखला ने डीसी श्रवण साय को आवेदन सौंप कर स्कूल की स्थिति से अवगत कराया. स्कूल का फोटो भी उपलब्ध कराया है. मोजेश ने कहा कि स्कूल के निरीक्षण के क्रम में देखा कि भवन की स्थिति काफी खराब है.
यहां 100 असुर जनजाति के बच्चे पढ़ते हैं. पढ़ाई भी ठीक ढंग से नहीं होती है. इन बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा हुआ है. समस्या सुनने के बाद डीसी ने जिला कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार से आवासीय स्कूल की स्थिति के बारे में जानकारी ली. श्री कुमार ने बताया कि युवा मंथन संस्था द्वारा आवासीय स्कूल का संचालन किया जा रहा है. लंबे समय से भवन की मरम्मत नहीं होने के कारण भवन जजर्र हो गया है. इस पर डीसी ने डीडब्ल्यूओ से जिले के सभी आवासीय स्कूलों की मरम्मत कराने के लिए कहा है. इसके लिए विभाग को पत्र लिखने के लिए कहा गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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