सरना कोड से ही बनी रहेगी पहचान : बंधन तिग्गा

गुमला : राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा समिति गुमला द्वारा सुअरगुड़ा गांव में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने सामूहिक प्रार्थना करा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया़ उन्होंने कहा कि आज हम आदिवासी कहां हैं, इसपर मंथन करने की जरूरत है. हम पायेंगे, कहीं न कहीं हम पिछड़ रहे […]

गुमला : राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा समिति गुमला द्वारा सुअरगुड़ा गांव में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने सामूहिक प्रार्थना करा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया़ उन्होंने कहा कि आज हम आदिवासी कहां हैं, इसपर मंथन करने की जरूरत है.
हम पायेंगे, कहीं न कहीं हम पिछड़ रहे हैं. जरूरत है, हम अपने समाज को मजबूत करने के लिए एक हों. आदिवासियों को सरना कोड के लिए एकजुट होना होगा. सरना कोड ही आदिवासियों की पहचान है. अपनी पहचान जिंदा रखने के लिए कोड जरूरी है.
सरना प्रार्थना सभा पूरे भारत में यह अभियान चला रही है. इसे आदिवासियों को एक अभियान के रूप में लेना होगा. सम्मेलन के माध्यम से समाज की त्रुटियों को भी दूर करना है. आज भी लोगों में अाध्यात्मिक चेतना की कमी है, उसे दूर करना है. आदिवासी छात्र संघ गुमला के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार भगत ने कहा कि राज्य व राष्ट्र के निर्माण में आदिवासी की भागीदारी रही है. समाज में फैले अंधविश्वास डायन-बिसाही, शराब के सेवन की प्रथा को समाज से मिटाना है.
गुमला जिले से सबसे ज्यादा मानव तस्करी हो रही है. इसमें आदिवासी लड़कियां ही तस्करी का शिकार हो रही हैं. इसे रोकना होगा. इसके लिए हम आगे आयें. मानव तस्करी का मामला आये, तो आप बतायें. कार्यक्रम में मनोज भगत, मुखिया पतराज उरांव, ललित उरांव व सुरेंद्र उरांव सहित कई लोग थे.

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