सफलता. बिशुनपुर के बनालात में पुलिस का रूद्र वन ऑपरेशन
बाल दस्ता तैयार करने के लिए उठा ले गये थे माआेवादी
बिशुनपुर(गुमला) : पुलिस ने गुरुवार काे माआेवादियाें के कब्जे से दो बच्चों को मुक्त कराया. ये बच्चे पकरीटाड़ व कुमाड़ी गांव के हैं. चार माह पहले बाल दस्ता बनाने के लिए नकुल यादव दोनों बच्चों को उठा कर ले गया था. अभी दोनों बच्चाें को बिशुनपुर थाना में रखा गया है.
शुक्रवार को इन्हें गुमला में सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. फिर इन्हें आवासीय स्कूल में रख कर पढ़ाने की व्यवस्था की जायेगी. नक्सलियों के चंगुल से मुक्त हुए बच्चों ने कहा : अभी भी कई बच्चे नक्सलियों के चंगुल में हैं. उन्हें हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. नक्सली इन दाेनाें बच्चाें से सामान व हथियार ढाेने का काम करवाते हैं.
नक्सली कैंप में अफरा-तफरी : जानकारी के अनुसार, 29 मई से पुलिस ने बिशुनपुर के बनालात इलाके में रूद्र वन ऑपरेशन शुरू किया है. पुलिस जमटी गांव से कुमाड़ी गांव बढ़ रही थी.
तभी कुमाड़ी में कैंप कर रहे नकुल यादव, मदन व रविंद्र के दस्ते में अफरा -तफरी मच गयी. इसी दौरान एक लड़का व लड़की वहां से निकल गये. वे लोग पहाड़ के पास छिप गये. तभी वहां पुलिस पहुंच गयी और दोनों बच्चों को अपने कब्जे में ले लिया. कोबरा के डिप्टी कमांडेंट अभिज्ञान सिंह ने बताया कि रूद्र वन ऑपरेशन के तहत कुमाड़ी स्थित नक्सलियों के कैंप से नक्सली झंडा, खाने पीने का सामान, चूल्हा, चप्पल, दवा, विस्तर व अन्य सामान मिले हैं.
श्री सिंह के अनुसार नकुल 70- 80 नक्सलियों के साथ ठहरा हुआ था. पुलिस के पहुंचने की सूचना पर उसने ठिकाना बदल लिया.
दो बच्चों को मुक्त कराया गया है. जंगल से लकड़ी चुनने के दौरान लड़का को जनवरी व लड़की को मार्च माह में नक्सली अपने साथ ले गये थे.
मणिलाल राणा, थानेदार, बिशुनपुर
