मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित वीडियो कॉफ्रेंसिंग में गुमला जिले की बारी नहीं आ पायी़ इस कारण यहां के शिकायतकर्ताओं के आवेदनों की समीक्षा नहीं हो पायी़, जबकि जिले के अधिकारी अपनी बारी का इंतजार करते रहे़
गुमला : मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के तहत मंगलवार को समाहरणालय भवन में आयोजित वीडियो कॉफ्रेंसिंग में जिले के शिकायतकर्ताओं के आवेदनों की समीक्षा नहीं हो पायी.
कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री रघुवर दास व प्रिंसिपल सेक्रेटरी संजय कुमार के यहां शिकायतकर्ताओं ने अपने क्षेत्र की कई समस्याओं के समाधान के लिए शिकायतें दर्ज करायी है. जिले से 933 शिकायतकर्ताओं ने आवेदन देकर अपने क्षेत्र के पानी, बिजली, सड़क व आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार वितरण सहित कई समस्याओं की ओर सीएम का ध्यान आकृष्ट कराया है. इसमें शिक्षा विभाग से एक, बिजली विभाग के 12 मामले सहित कुल 120 मामले अभी भी लंबित है.
इन लंबित मामलों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को आयोजित वीडियो कॉफेंसिंग में जिले से डीसी श्रवण साय, एसपी भीमसेन टुटी, डीडीसी नागेंद्र कुमार सिन्हा, एसी अशोक कुमार शाह सहित शिक्षा विभाग से डीइओ नीरू पुष्पा टोप्पो, आपूर्ति विभाग से डीएसओ विनोद शंकर मिश्र, पेयजल विभाग से पीएचइडी के कार्यपालक पदाधिकारी त्रिभुवन बैठा, डीडब्ल्यूओ अनिल कुमार, इ डिस्ट्रिक मैनेजर अमर हुडमरे व अन्य विभागों के पदाधिकारी शामिल थे. लेकिन घंटों बैठने के बाद भी गुमला जिला की बारी नहीं आने के कारण जिले से आवेदनों की समीक्षा नहीं हो पायी.
वीडियो कॉफ्रेंसिंग दिन के 10.30 बजे शुरू हो गया था, जो दोपहर 12.30 बजे तक चला, लेकिन गुमला जिला की पारी नहीं आने के कारण जिले के शिकायतकर्ताओं के आवेदनों की समीक्षा नहीं हो पायी.
