गुमला : घाघरा प्रखंड के बदरी पंचायत अंतर्गत टांगरसिखवार, गुटवा, बनियाडीह, कोतरी, पनवारी, घोड़ाटांगर, सिरकोट, धोधनी, करमटोली व बदरी गांव में अभी तक एक भी शौचालय नहीं बना है. इस कारण ग्रामीण अभी भी खुले में शौच जाते हैं.
गांव के दीनबंधु मुंडा, फागु पहान, चमरू गोप, राजू गोप, गोविंदा गोप, जनक महतो, संदीप कुमार महतो, सुनील सिंह, अरुण यादव, कबुलास पहान, ईश्वर पहान, निर्मल गोप, नरेश महली, परमेश्वर पहान, चंद्रवती कुमारी, कलस यादव, गीता देवी, सुशीला देवी, सहदेव सिंह, झमन सिंह, चरकु गोप, चरवा महली, बुलू महली, चमनी देवी, किस्तो महली, जयंती देवी, तरुण महतो, रामदेनी गोप व शांति देवी आदि ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में लगभग 1200 शौचालय बनाये जाने हैं. लेकिन हमारे गांव को उपेक्षित किया गया है.
गांव में शौचालय निर्माण कार्य शुरू नहीं होने की अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन समस्या सुनने को कोई तैयार नहीं है. अब सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के सिवा कोई चारा नहीं है.
हमारे गांवों को उपेक्षित किया जा रहा है : मुखिया
बदरी पंचायत की मुखिया बिरसमुनी देवी ने गांवों में शौचालय निर्माण की मांग को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग गुमला के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखा है़ इसमें गांव में जल्द ही शौचालय निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की गयी है़ मुखिया ने बताया कि सरकार का आदेश है कि सभी गांव में शौचालय बनाना है, लेकिन बदरी पंचायत के अंतर्गत पड़ने वाले किसी भी गांव में अभी तक शौचालय का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है
मुखिया ने बताया कि विभाग के कनीय अभियंता कृष्णा लोहरा प्रखंड मुख्यालय में कभी रहते ही नहीं है. कनीय अभियंता कहते हैं कि कार्यालय नहीं है, कहां रहेंगे. गांवों में पानी की भी भारी समस्या है. प्रशासन हमारे गांवों को उपेक्षित कर रहा है.
