सरकारी योजना का लाभ उठायें मजदूर : डीसी
गुमला : मजदूर दिवस पर जिला प्रशासन व श्रम विभाग गुमला द्वारा स्थानीय नगर भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर श्रम विभाग की ओर से 22 महिला व 150 पुरुष को साइकिल, 40 महिलाओं को सिलाई मशीन व 100 लोगों को मेधावी पुत्र-पुत्री छात्रवृत्ति का चेक प्रदान किया गया. इससे पूर्व मुख्य अतिथि डीसी श्रवण साय ने कार्यक्रम का शुभांरभ किया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत अमेरिका में 1886 में हुई थी, तब वहां के मजदूरों को 10 से 12 घंटे तक काम लिया जाता था और उसके एवज में कम मजदूरी दी जाती थी़ उस समय मजदूरों का काफी शोषण होता था.
उस शोषण से निजात पाने के लिए मजदूर संगठित हुए और अपनी एक यूनियन बनायी. यूनियन के माध्यम से ही मजदूर दिवस की नींव रखी गयी. इसके बाद वर्ष 1932 में भारत देश के मद्रास में पहली बार इसकी शुरुआत हुई. उस समय लोग मजदूर दिवस को मद्रास दिवस के नाम से जानते थे. कालांतर में वही नाम बदल कर मजदूर दिवस के रूप में विख्यात हुआ. वर्तमान समय में 80 देशों में मजदूर दिवस मनाया जाता है, जिसमें मजदूर अपनी एकता व एकजुटता का परिचय देते हैं. उन्होंने कहा कि मजदूरों की अपनी एक अलग यूनियन है.
अपने हक व अधिकार के लिए सभी मजदूर श्रम विभाग में पंजीयन जरूर करायें, ताकि कोई भी आपका शोषण न कर सके. वर्तमान समय में सरकार द्वारा मजदूरों के लिए विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही है.
योजनाओं का लाभ उठायें. विशिष्ट अतिथि जिला परिषद उपाध्यक्ष केडी सिंह ने कहा कि रशिया के मजदूरों के साथ शोषण होता था. उसे सम्मान जनक मजदूरी नहीं मिलती थी, जिससे वहां के मजदूरों में क्रांति आयी. वे एकजुट हुए और अपने हक की लड़ाई लड़े, फलस्वरूप मजदूर दिवस मनाया जाने लगा. जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष हीरा साहू ने कहा कि आप सभी मजदूर भाई-बहन पूरी मेहनत के साथ काम करते हैं.
अगर आपको मजदूरी नहीं दी जाती है, तो तुरंत लेबर ऑफिस में जाकर इसकी शिकायत करें. आपकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी़ इस अवसर पर डीडीसी नागेंद्र कुमार सिन्हा, कार्यपालक दंडाधिकारी रवि शंकर, अनूप चंद्र अधिकारी, श्रम अधीक्षक, वार्ड पार्षद तरनिका कच्छप, सविता देवी, राधा देवी व लक्ष्मी देवी सहित सैकड़ों की सख्या में मजदूर भाई-बहन उपस्थित थे.
