...अब तक नहीं बनी बाइपास सड़क

…अब तक नहीं बनी बाइपास सड़क फोटो- एलडीजीए-1 अधूरा पड़ा सड़क, एलडीजीए-2 बनाया गया गार्डवाल.लोहरदगा. शहरी क्षेत्र से वाहनों का भार कम करने के उदेश्य से बाइपास सड़क का निर्माण कार्य शुरू तो कराया गया, लेकिन विभागीय उदासीनता एवं जनप्रतिनिधि की उदासीनता के कारण बाइपास सड़क निर्माण अधर में है. वर्ष 2008 में दो करोड़ […]

…अब तक नहीं बनी बाइपास सड़क फोटो- एलडीजीए-1 अधूरा पड़ा सड़क, एलडीजीए-2 बनाया गया गार्डवाल.लोहरदगा. शहरी क्षेत्र से वाहनों का भार कम करने के उदेश्य से बाइपास सड़क का निर्माण कार्य शुरू तो कराया गया, लेकिन विभागीय उदासीनता एवं जनप्रतिनिधि की उदासीनता के कारण बाइपास सड़क निर्माण अधर में है. वर्ष 2008 में दो करोड़ पांच लाख रुपये की लागत से ओयना मोड़ से गांगुपारा तक तीन किमी सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया. कार्य का कार्यान्वयन एजेंसी आरइओ को बनाया गया. इस कार्य का संवेदक एएस कंस्ट्रक्शन द्वारा मिट्टी मोरम तथा गार्ड वार्ल एवं पुलों का निर्माण किया गया था. संवेदक को इसके एवज में लगभग 24 लाख रुपये विभाग द्वारा दिया गया. बावजूद इसके काम में प्रगति नहीं आयी. बाइपास सड़क निर्माण 12 किमी बना कर शहर को वाहनों के भार से मुक्त करना था. बाइपास सड़क के निर्माण होने से भारी वाहनों का प्रवेश शहरी क्षेत्र में नहीं होता. बाइपास सड़क के अभाव में भारी वाहन भी शहरी क्षेत्र से ही गुजरते हैं, जिससे रोजाना छोटी- मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं. विभाग एवं संवेदक द्वारा प्राकलन में संशोधन को लेकर यह मामला लटक गया और बाइपास सड़क निर्माण कार्य बंद हो गया. बाइपास सड़क निर्माण हेतु अधिग्रहण की गयी भूमि के लाभुकों को राशि आवंटित करने हेतु नगर पर्षद कार्यालय को राशि भी उपलब्ध हो गया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की उदासीन रवैया के कारण सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका. यदि जनप्रतिनिधि सक्रियता के साथ काम करते, तो बाइपास सड़क का निर्माण पूरा हो सकता था. आज लोहरदगा में बाईपास सड़क नहीं रहने के कारण दुर्घटनाओं की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है. वहीं सड़क जाम के कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ी है. यदि बाइपास सड़क के निर्माण में जनप्रतिनिधि रुचि लेते, तो इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाता और लोगों को सुविधा होती.

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