स्मार्ट क्लास की जांच करने की मांग गुमला. झारखंड आंदोलनकारी मोरचा गुमला के संयोजक मंगरा उरांव ने मानव संसाधन विकास विभाग झारखंड के सचिव से स्मार्ट क्लास की गुणवत्ता एवं आपूर्ति की गयी सामग्री की जांच करने की मांग की है. श्री उरांव ने सचिव को पत्र प्रेषित किया है. पत्र में उल्लेखित है कि केजीबी विद्यालय गुमला, एसएस बालिका उच्च विद्यालय गुमला, एसएस प्लस टू उच्च विद्यालय गुमला, केजीबीवी भरनो, केजीबीवी सिसई, केजीबीवी घाघरा, केजीबीवी बिशुनपुर, केजीबीवी पालकोट व संत इग्नासियुस उच्च विद्यालय गुमला की योजना राशि सात लाख 94 हजार 50 रुपये है. जिसकी कुल राशि 67 लाख 14 हजार 740 रुपये होती है. जिसमें आपूर्तिकर्त्ता को ही अनुमोदित विद्यालयों में छह माह से एक वर्ष के के लिए एक शिक्षक की नियुक्ति करनी थी और उक्त शिक्षक द्वारा संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करा कर अधिष्ठायन को संबंधित विद्यालय के प्रधान को हस्तांतरित किया जाना था. साथ ही आपूर्तिकर्त्ता द्वारा स्मार्ट क्लास के लिए जिन शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी, उनकी न्यूनतम योग्यता बीसीए अथवा एमसीए होनी चाहिए. लेकिन आपूर्तिकर्त्ता द्वारा इसका अनुपालन न करते हुए साधारण योग्यताधारी शिक्षकों को नियुक्त कर क्लास चलाया जा रहा है. इससे स्मार्ट क्लास की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया है. वहीं आपूर्ति की गयी सामग्री भी घटिया है.
स्मार्ट क्लास की जांच करने की मांग
स्मार्ट क्लास की जांच करने की मांग गुमला. झारखंड आंदोलनकारी मोरचा गुमला के संयोजक मंगरा उरांव ने मानव संसाधन विकास विभाग झारखंड के सचिव से स्मार्ट क्लास की गुणवत्ता एवं आपूर्ति की गयी सामग्री की जांच करने की मांग की है. श्री उरांव ने सचिव को पत्र प्रेषित किया है. पत्र में उल्लेखित है कि […]
