लीड ::6::: अविश्वास प्रस्ताव 14 को फ्लैग :::: नगर परिषद : उपाध्यक्ष के खिलाफ नौ वार्ड पार्षदों ने पद के दुरुपयोग का लगाया आरोपएसी अशोक साह की देखरेख में चर्चा व मतदान होगा4 गुम 11 में मोसर्रत परवीन4 गुम 12 में शैल मिश्राप्रतिनिधि, गुमलानगर परिषद की उपाध्यक्ष मोसर्रत परवीन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया. इस पर चर्चा व मतदान 14 नवंबर को होगा. उपाध्यक्ष पर नौ वार्ड पार्षदों ने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. इसके बाद अपर समाहर्ता सह पीठासीन पदाधिकारी अशोक कुमार साह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 14 नवंबर को मतदान की तिथि की घोषणा किये हैं. मतदान की तिथि की घोषणा के साथ ही वार्ड पार्षद एक्टिव भूमिका में आ गये हैं. यहां बता दें कि छह अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव के लिए पार्षदों ने डीसी दिनेशचंद्र मिश्र को ज्ञापन सौंपा था. डीसी ने एसी को मामले की जांच का निर्देश दिया. इसके बाद मतदान के लिए एसी को पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया. एक माह बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगी. इन लोगों ने लगाया है आरोपनौ वार्ड पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए डीसी को ज्ञापन सौंपा था. इनमें योगेंद्र प्रसाद साहू, किशोर मिश्रा, शैल मिश्रा, हेमलता देवी, ललिता देवी, अनिल यादव, मोहम्मद मुमताज, संजीदा खातुन व गायत्री शर्मा है. इन लोगों ने उपाध्यक्ष पर पद के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था. इसमें बजट नहीं बनाने, बोर्ड की बैठक नहीं करने के अलावा अन्य योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत है.उपाध्यक्ष के पक्ष में ये लोग हैंउपाध्यक्ष के पक्ष में अभी भी नौ वार्ड पार्षद हैं. इनमें कृष्णा राम, सानू बहादुर, शीला टोप्पो, अतुल बाड़ा, बसंत उरांव, सुषमा कुजूर, तरनिका कच्छप, सुषमा कुजूर, सीता देवी व जसवंत कौर है. इन नौ वार्ड पार्षदों का मानना है कि उपाध्यक्ष के कार्यकाल में अच्छा काम हुआ है. लेकिन कुछ वार्ड पार्षद जान बूझ कर नगर परिषद के कामों में बाधा डालते रहते हैं.20 में से दो पार्षद नहीं देंगे वोटनगर परिषद में 20 वार्ड है. उतने ही वार्ड पार्षद भी हैं. लेकिन उपाध्यक्ष मोसर्रत परवीन वोट नहीं दे सकेगी. क्योंकि उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है. उपाध्यक्ष वार्ड पांच से पार्षद है. वहीं वार्ड 20 कर पार्षद उषा देवी भी वोट नहीं दे सकेगी. क्योंकि उसने कुछ माह पहले अपने पद से इस्तीफा दे दी है. इसलिए मतदान में 18 पार्षद ही भाग लेंगे. इसमें भी दिलचस्प है. विरोध में नौ व पक्ष में नौ पार्षद है. ऐसा लग रहा है कि अगर मतदान हुआ तो ड्रा हो सकता है.पहले से अध्यक्ष का पद खाली हैनगर परिषद में पहले से अध्यक्ष का पद खाली है. अध्यक्ष धीरेंद्र प्रसाद सिंह पर जाति छिपाने का मामला दर्ज हुआ था. इसके बाद इस मामले में आयोग को शिकायत गयी. फिर केस हुआ. केस होने के बाद धीरेंद्र सिंह को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया. अध्यक्ष का पद खाली रहने के कारण उपाध्यक्ष ही कामकाज देखती थी.कार्यपालक पदाधिकारी भी प्रभार परनगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी भी प्रभार पर हैं. लोहरदगा के इओ गुमला का कामकाज देख रहे हैं. सप्ताह में एक दो दिन गुमला आते हैं. वित्तीय अधिकार नहीं मिलने के कारण गुमला के दूसरे विभाग के पदाधिकारी प्रभार लेना नहीं चाहते हैं.गुमला शहर का कहीं कोई विकास नहीं हुआ है. सभी 20 वार्डो का हाल किसी से छिपा हुआ नहीं है. 14 नवंबर के बाद निर्णय लिया जायेगा.शैल मिश्रा, वार्ड पार्षद, नपअगर कोई पद के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है, तो यह गलत है. मैंने जो काम किया है, यह किसी से छिपा हुआ नहीं है. मलीन बस्ती का काम तेजी से हुआ है. मोसर्रत परवीन, उपाध्यक्ष, नप \\\\B
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लीड ::6::: अविश्वास प्रस्ताव 14 को फ्लैग :::: नगर परिषद : उपाध्यक्ष के खिलाफ नौ वार्ड पार्षदों ने पद के दुरुपयोग का लगाया आरोपएसी अशोक साह की देखरेख में चर्चा व मतदान होगा4 गुम 11 में मोसर्रत परवीन4 गुम 12 में शैल मिश्राप्रतिनिधि, गुमलानगर परिषद की उपाध्यक्ष मोसर्रत परवीन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया. […]
