:9::: संस्कृति की रक्षा के लिए जतरा जरूरीफोटो- एलडीजीए – 25 मंच में उपस्थित अतिथि . एलडीजीए – 27 जतरा में उपस्थित लोग. भंडरा/लोहरदगा. जतरा में आदिवासी धर्म, संस्कृति परंपरा, रीति-रिवाज की झलकियां देखने के लिए मिलती है. आदिवासी धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए जतरा का आयोजन हमारे पूर्वजों द्वारा की जाती है. ऐतिहासिक धोबाली जतरा का इतिहास 150 वर्ष है. जतरा में मुख्य अतिथि ग्राम स्वाराज्य मंच विकास भारती के लोहरदगा जिला अध्यक्ष विनदेश्वर उरांव थे. जतरा में नागपुरी एवं कुडूख आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर किया. जतरा समारोह में उपस्थित अतिथियों का स्वागत संयोजक भुनेश्वर उरांव ने सॉल ओढ़ा कर किया. जतरा में आये विभिन्न गांव के खोड़हा समूहों को पुरस्कृत किया गया. पांच पड़हा के सभी पहानों को पगड़ी पहना कर सम्मानित किया गया. मौके पर किशोर साहू, सुरेन्द्र उरांव, प्रमोद उरांव, जलेश्वर महतो, सुशील उरांव, मंगरा उरांव महेश उरांव, धनेश्वर उरांव, महादेव उरांव आदि उपस्थित थे. जतरा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. साथ ही कृषि यंत्र वाहन से संबंधित जानकारी दी गयी.
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:9::: संस्कृति की रक्षा के लिए जतरा जरूरीफोटो- एलडीजीए – 25 मंच में उपस्थित अतिथि . एलडीजीए – 27 जतरा में उपस्थित लोग. भंडरा/लोहरदगा. जतरा में आदिवासी धर्म, संस्कृति परंपरा, रीति-रिवाज की झलकियां देखने के लिए मिलती है. आदिवासी धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए जतरा का आयोजन हमारे पूर्वजों द्वारा की जाती है. […]
