दलान:::::: नहीं बदली तसवीर, बस यूं ही जी रहे हैं!

दलान:::::: नहीं बदली तसवीर, बस यूं ही जी रहे हैं! हाल ए सूरत : शहीद अलबर्ट एक्का प्रखंड की.27 गुम 1 में जारी में लगा अलबर्ट एक्का की प्रतिमा27 गुम 2 में गांव की गरीबी बयां करती तसवीरप्रतिनिधि, गुमला/जारीनहीं बदली तकदीर व तसवीर. बस यूं ही जी रहे हैं. फिर भी एक उम्मीद है. कभी […]

दलान:::::: नहीं बदली तसवीर, बस यूं ही जी रहे हैं! हाल ए सूरत : शहीद अलबर्ट एक्का प्रखंड की.27 गुम 1 में जारी में लगा अलबर्ट एक्का की प्रतिमा27 गुम 2 में गांव की गरीबी बयां करती तसवीरप्रतिनिधि, गुमला/जारीनहीं बदली तकदीर व तसवीर. बस यूं ही जी रहे हैं. फिर भी एक उम्मीद है. कभी तो हमारे दिन बहुरेंगे. यह कहना परमवीर अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड के लोगों का है. यह प्रखंड छत्तीसगढ़ राज्य से एक कदम की दूरी पर है. इस प्रखंड में पांच पंचायत है. इनमें जरडा, गोविंदपुर, सीसीकरमटोली, सिकरी व मेराल शामिल हैं. इन पांच पंचायतों के अंतर्गत 52 गांव है. इस प्रखंड के लोग पहली बार 23 नवंबर 2010 को खुशी से झूमे थे. जब जारी को प्रखंड का दरजा मिला. बाद में यह खुशी कुछ पलों का मेहमान बन कर रह गया. क्योंकि प्रखंड बने पांच साल होने जा रहा है, विकास के काम आज भी क्षेत्र में कदमताल कर रहा है. यह क्षेत्र आज भी गरीबी के चादर में लिपटा है. प्रखंड जाने के लिए पथरीली सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है. सड़क बनी, पर टूट गयी. स्वास्थ्य सुविधा नहीं है. बीमार होने पर चैनपुर या डुमरी जाना पड़ता है. या तो फिर छत्तीसगढ़ के अस्पताल जाते हैं. पांचों पंचायत में काम नहीं है. पलायन मजबूरी बन गयी है. पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं है. कुआं व चुआं का पानी लोग पीते हैं. कई गांवों में पहुंच पथ नहीं है. नया ब्लॉक भवन, अंचल भवन, स्वास्थ्य केंद्र का भवन नहीं बना है.एकमात्र परमवीर चक्र विजेता का गांवझारखंड राज्य के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता शहीद अलबर्ट एक्का की जन्मस्थली जारी प्रखंड है. लेकिन सरकार की उदासीनता व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण यह क्षेत्र विकास की बाट जोह रहा है. वर्ष 2010 में जब जारी प्रखंड बना तो उसी समय पंचायत चुनाव भी हुआ. प्रतिनिधि चुन कर आये, लेकिन किसी ने प्रखंड के विकास में दिलचस्पी नहीं दिखायी. जिला परिषद सदस्य व प्रमुख तो पूरे पांच साल जनता से दूर नजर आये.आदिम जनजातियों तक नहीं पहुंचा कोईधोबारी, उरईकोना सहित आसपास के 15 गांवों में आदिम जनजाति निवास करते हैं. कोरवा व बिरिजिया जाति की बहुलता है. धोबारी पहाड़ पर बसा है. यहां कोरवा जाति के लोग रहते हैं. आज तक सरकार का एक भी मुलाजिम नहीं पहुंचा है. सरकार की योजना से लोग महरूम हैं. एक सड़क बन रही थी, वह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया. बरसात में पूरी सड़क बह गयी. काम नहीं मिलता तो पेट की आग बुझाने के लिए कंद-मूल खाते हैं.मुखियाओं पर लगता रहा है आरोपगांव की सरकार बनी, लेकिन जनप्रतिनिधि जनता से दूर रहे. कई मुखियाओं पर सरकारी योजना में गड़बड़ी का आरोप लगता रहा है. मारपीट तक की नौबत आ गयी. जनता के लाखों रुपये मुखिया डकार गये और जनता विकास को तरसती रही. पांच पंचायतों का हालगांवों की सं. : 52 हैआबादी : 30926 हैकॉलेज : नहीं हैहाई स्कूल : पांच हैआंगनबाड़ी : 20 हैस्वास्थ्य उपकेंद्र : पांचपांच पंचायत एक नजर मेंजरडा के अंतर्गत 13 गांव है. जनसंख्या 6096 है. क्षेत्रफल 415.756 हेक्टेयर है.गोविंदपुर में नौ गांव है. जनसंख्या 6366 है. कुल क्षेत्रफल 3735.94 हेक्टेयर है.सीसी करमटोली में 12 गंाव है. आबदी 6207 है. क्षेत्रफल 928.952 हेक्टेयर है.सिकरी के अंतर्गत 10 गांव है. आबादी 6486 है. कुल क्षेत्रफल 4334 हेक्टेयर है.मेराल में आठ गांव है. जनसंख्या 5971 है. कुल क्षेत्रफल 4564.992 हेक्टेयर है.मुखिया, जिप व प्रमुख एसटी ही बनेंगेजारी प्रखंड मुखिया, जिप सदस्य व प्रमुख के सभी सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. जिप सदस्य की सीट महिला एसटी व प्रमुख का सीट अनुसूचित जनजाति अन्य के लिए है. वहीं मुखिया में जरडा, गोविंदपुर, सिकरी महिला और सीसीकरमटोली व मेराल अन्य के लिए आरक्षित किया गया है.

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