गुमला : गुमला के सदर अस्पताल में एक मरीज की स्थिति गंभीर थी. उसे रांची रेफर कर दिया गया. परिजन एंबुलेंस खोजते रहे, लेकिन नहीं मिला. आधे घंटे तक मरीज अस्पताल के बाहर तड़पता रहा.
इसके बाद एंबुलेंस मिला. तब मरीज को रांची ले जाया गया. जानकारी के अनुसार रायडीह थाना के कटकाही निवासी बिमला देवी (35) सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल को इलाज के लिए भरती किया गया था. डॉ आरपी खलखो ने उसे रिम्स रेफर कर दिया. मरीज के परिजनों द्वारा आपातकालीन कक्ष के बाहर लिखे नंबरों पर फोन कर एंबुलेंस चालकों से बात की. लेकिन कोई भी एंबुलेंस चालक सदर अस्पताल में मौजूद नहीं था.
एंबुलेंस चालक रात में नहीं जाने का बहाना बना रहे थे. अंत में मरीज के परिजनों द्वारा एचएम सुभाषिनी चंद्रिका को मोबाइल पर संपर्क कर सूचना देने के बाद एंबुलेंस चालक नहीं पहुंचे. मरीज के परिजनों ने मारवाड़ी युवा मंच के चालक के नंबर पर मोबाइल से संपर्क करने पर चालक अविलंब उपस्थित हुआ. जिसे लेकर वह रिम्स निकल गया.
एंबुलेंस चालकों पर होगी कार्रवाई
एचएम सुभाषिनी चंद्रिका से पूछने पर कहा कि मामले की जानकारी रात में ही मिली थी.इसकी जांच की जा रही है. सीएस डॉ एसएन झा को मामले से अवगत कराते हुए संबंधित चालकों पर कार्रवाई की जायेगी.
बिना रोस्टर ड्यूटी कर रहे हैं: चालक
एंबुलेस चालक गजेंद्र नायक व प्रकाश खाखा से पूछने पर बताया कि अस्पताल द्वारा उनकी ड्यूटी का रोस्टर नहीं है. जिसके कारण यह पता नहीं रहता है कि किसकी ड्यूटी है. अस्पताल प्रबंधन रोस्टर बनाने की दिशा में कोई पहल नहीं कर रही है.
