:: छकौड़ी मियां के नाम है पहला लाइसेंस

:: छकौड़ी मियां के नाम है पहला लाइसेंस घाघरा. घाघरा में शारदीय दुर्गापूजा का इतिहास 87 वर्ष पुराना है. 1928 में दारोगा बंगाली बाबू के पहल और बनू साहू व बैजनाथ साहू के मार्गदर्शन में पहली बार थाना चौक में पूजनोत्सव की नींव रखी गयी. झोपड़ीनुमा मंदिर के समीप 200 रुपए में पहली बार दुर्गापूजा […]

:: छकौड़ी मियां के नाम है पहला लाइसेंस घाघरा. घाघरा में शारदीय दुर्गापूजा का इतिहास 87 वर्ष पुराना है. 1928 में दारोगा बंगाली बाबू के पहल और बनू साहू व बैजनाथ साहू के मार्गदर्शन में पहली बार थाना चौक में पूजनोत्सव की नींव रखी गयी. झोपड़ीनुमा मंदिर के समीप 200 रुपए में पहली बार दुर्गापूजा की गयी थी. घाघरा चांदनी चौक में 1993 से पूजनोत्सव आरंभ किया गया. सुलेश्वर साहू, संजय साहू, प्रताप, पंकज सिंह, वर्तमान अध्यक्ष अमित नाग के प्रयास से भव्य पंडाल का निर्माण कर पूजनोत्सव किया जाता है. इस प्रखंड में दुर्गापूजा का पहला लाइसेंस छकौड़ी मियां के नाम है.

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