भरनो में 103 वर्ष पुराना इतिहास है

भरनो में 103 वर्ष पुराना इतिहास है भरनो. भरनो में दुर्गापूजा का इतिहास 103 वर्ष पुराना रहा है. प्रखंड के हरिजन मुहल्ला में 1912 में दुर्गापूजा की शुरूआत हुई थी. मुहल्ले के शहदेव मिश्रा, रामेश्वर मिश्रा व दुर्गा मिश्रा ने मिल कर प्रखंड मुख्यालय के सरकारी भूमि पर पूजा शुरू करायी थी. पूजा के समय […]

भरनो में 103 वर्ष पुराना इतिहास है भरनो. भरनो में दुर्गापूजा का इतिहास 103 वर्ष पुराना रहा है. प्रखंड के हरिजन मुहल्ला में 1912 में दुर्गापूजा की शुरूआत हुई थी. मुहल्ले के शहदेव मिश्रा, रामेश्वर मिश्रा व दुर्गा मिश्रा ने मिल कर प्रखंड मुख्यालय के सरकारी भूमि पर पूजा शुरू करायी थी. पूजा के समय गांव में मेला का आयोजन किया जाता था. इसके बाद डोंबा गांव में रांची हिंदपीड़ी निवासी कोल्हामल्हा द्वारा 1950 में दुर्गापूजा की शुरूआत की गयी. उस समय मूर्त्ति की कीमत लगभग 150 रुपये था. गांव के हिंदू व मुसलिम धर्म के लोग पूजा को साथ मिल कर मनाते थे. इसके अलावा 1960 में प्रखंड के बाजारटांड़ में शिवदत्त मिश्रा, 1980 में ब्लॉक चौक में गौतम मिश्रा व अनिल केसरी के नेतृत्व में दुर्गापूजा की शुरूआत की गयी.

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