सभी भाषाओं की जननी है संस्कृतनयी शिक्षा नीति पर विचार गोष्ठी का आयोजन फोटो-एलडीजीए-25 मंचासीन अतिथि, एलडीजीए-26 उपस्थित लोग.लोहरदगा. शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में नयी शिक्षा नीति पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में संस्कृत शिक्षा का महत्व, शिक्षा और राष्ट्रवाद, मातृभाषा में शिक्षा, मूल्य आधारित शिक्षा पर विचार किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जला कर किया गया. मौके पर कहा गया कि नयी शिक्षा नीति भारतीय संस्कृति के अनुकूल हो. शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ साक्षर नहीं होना चाहिए. ज्ञान परोपकार के लिये हो. संस्कृत भाषा सभा भाषाओं की जननी है. शिक्षा में नैतिक शिक्षा अनिवार्य होना चाहिए. शिक्षा मानवता और संस्कृति को जोड़नेवाली हो. पाठयक्रम में संस्कृति और राष्ट्रवाद का पाठ शामिल करना चाहि, तभी बच्चे देश के सच्चे नागरिक बन सकेंगे. आतंकवाद, नक्सलवाद, भ्रष्टाचार वर्तमान शिक्षा नीति का फल है. मौके पर प्रो कुदुश कुरैसी, अर्जुनदेव शर्मा, राजीव कुमार सिंह, कुमार विमलेश, विंध्यवेश पांडेय, डॉ राज मित्तल, प्रो परमानंद अग्रवाल, सीताराम शर्मा, कृष्णा प्रसाद, सचिदानंद लाल प्रसाद, पीके सिन्हा, शमीमा खातून ने अपने विचार व्यक्त किये. मौके पर अजय अग्रवाल, विनोद राय, अजय मित्तल, मनोज दास, गणेश वर्णवाल, सुधीर अग्रवाल, अवध बिहारी दूबे, सरिता देवी, वीरेंद्र मित्तल, राज बल्लभ शर्मा, राज मित्तल, राम सुभग सहित अन्य शामिल थे.
सभी भाषाओं की जननी है संस्कृत
सभी भाषाओं की जननी है संस्कृतनयी शिक्षा नीति पर विचार गोष्ठी का आयोजन फोटो-एलडीजीए-25 मंचासीन अतिथि, एलडीजीए-26 उपस्थित लोग.लोहरदगा. शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में नयी शिक्षा नीति पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में संस्कृत शिक्षा का महत्व, शिक्षा और राष्ट्रवाद, मातृभाषा में शिक्षा, मूल्य आधारित शिक्षा पर विचार किया गया. कार्यक्रम […]
