गुमला के रिमांड होम से दीवार फांदकर भागे 5 बालबंदी, 4 दुष्कर्म व 1 अपहरण का है आरोपी

गुमला के सिलम स्थित रिमांड होम (संप्रेक्षण गृह) से रविवार की देर रात को पांच बालबंदी भाग गये. इसमें चार बंदी दुष्कर्म और एक बंदी अपहरण का आरोपी है. बंदियों ने पहले वार्ड का दरवाजा तोड़कर रिमांड होम के परिसर में निकले. इसके बाद मच्छरदानी को रस्सी बनाकर दीवार से फांदकर भाग निकले. दीवार की ऊंचाई 25 फीट है. रिमांड होम की दीवार से कुछ दूरी पर कंटीले तार हैं.

गुमला के सिलम स्थित रिमांड होम (संप्रेक्षण गृह) से रविवार की देर रात को पांच बालबंदी भाग गये. इसमें चार बंदी दुष्कर्म और एक बंदी अपहरण का आरोपी है. बंदियों ने पहले वार्ड का दरवाजा तोड़कर रिमांड होम के परिसर में निकले. इसके बाद मच्छरदानी को रस्सी बनाकर दीवार से फांदकर भाग निकले. दीवार की ऊंचाई 25 फीट है. रिमांड होम की दीवार से कुछ दूरी पर कंटीले तार हैं.

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दीवार फांदने के बाद सभी बंदी लोहे के कंटीले तारों के बीच से निकल गये. इस दौरान बंदियों को कंटीले तार से चोट भी लगी है. कुछ तारों में खून के धब्बे लगे हुए हैं. रिमांड होम के अनुसार एक बंदी दो साल व चार बंदी एक-एक साल से रिमांड होम में थे. बंदियों के भागने के मामले में रिमांड होम के अधीक्षक अविनाश कुमार गिरी ने गुमला थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है.

पुलिस ने मामला दर्ज कर बंदियों को पकड़ने के लिए छापामारी शुरू कर दी है. भागने वाले बंदियों में एक छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर, दो घाघरा, एक सिसई व एक बिशुनपुर प्रखंड का रहने वाला है.

फिल्मी अंदाज में भागे बालबंदी

पांचों बालबंदी फिल्मी अंदाज में भागे हैं. रिमांड होम के वार्ड तीन में दो दरवाजे हैं. एक दरवाजा महीनों से बंद है और उसमें ताला लगा हुआ है. जबकि एक अन्य दरवाजा से हर रोज बंदियों को अंदर बाहर किया जाता है. महीनों से बंद पड़े दरवाजा को बंदी कई दिनों से तोड़ रहे थे. रविवार की रात को दरवाजा टूट गया.

इसके बाद बंदियों ने पूर्व प्लानिंग के तहत मच्छरदानी को रस्सी बना लिया. फिर 25 फीट दीवार में चढ़ने के बाद दूसरे छोर भी रस्सी बांधकर उतर गये और कंटीले तारों के बीच से होकर भाग निकले. ड्यूटी में तैनात जवान सोमवार की सुबह जब रिमांड होम के चारों तरफ निगरानी करने लगे तो रस्सी टंगा हुआ देखा. बंदियों का मिलान किया गया तो उसमें पांच बंदी कम थे.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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