प्रतिनिधि, गुमलानेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन द्वारा कराये गये 17 ग्रामीण सड़कों की विस समिति के सदस्य सह विधायक अशोक भगत व सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने जांच ने गत दिनों जांच के बाद उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े किये हैं. पदाधिकारियों ने कहा कि विकास कार्यों में ऐसी लूट हमलोगों ने नहीं देखी है. संबंधित एजेंसी के विरुद्ध जितनी भी कार्रवाई होगी, कम होगी. ज्ञात हो कि पीएमजेएसवाइ योजना के तहत जिले में 102 सड़कों का कार्य वर्ष 2013 तक पूरा किया जाना था. जिसके तहत संबंधित एजेंसी को 218 करोड़ की राशि व्यय कर 448 किमी सड़क का निर्माण करना था. अगर इस राशि का सदुपयोग सही ढंग से हुआ होता, तो आज उग्रवाद प्रभाव गुमला जिले में खुशी की बात होती. एनपीसीसी द्वारा घटिया कार्य का मामला भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा ने उठा कर आंदोलन शुरू किया था. लगभग दर्जनों सड़कों का अपनी टीम के साथ जांच करते हुए कहा था कि इस पूरे मामले को विस से लोस तक आवाज उठाया जायेगा. जिसके तहत विधायक ने विस सत्र के पहली पाली में शिवशंकर उरांव द्वारा मामला उठाया गया. सदन की भावना को देखते हुए विस अध्यक्ष द्वारा उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया. साथ ही एक महीने के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. विस समिति ने गुमला में प्रवास कर लगभग 17 सड़कों का निरीक्षण किया. जिसमें पाया गया कि सड़क के नाम पर जो पीसीसी बनाया गया है. वह पीसीसी नहीं है. ग्रेड वन के ऊपर में सीमेंट व बालू का लेप चढ़ाया गया है. जो उखड़ चुका है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि एनपीसीसी के विरुद्ध कार्रवाई होकर रहेगी और यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में शामिल है.
17 सड़कों की जांच से खुली गुणवत्ता की पोल
प्रतिनिधि, गुमलानेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन द्वारा कराये गये 17 ग्रामीण सड़कों की विस समिति के सदस्य सह विधायक अशोक भगत व सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने जांच ने गत दिनों जांच के बाद उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े किये हैं. पदाधिकारियों ने कहा कि विकास कार्यों में ऐसी लूट हमलोगों ने नहीं देखी है. संबंधित एजेंसी […]
