:::::: परमेश्वर के जीवन का उल्लंघन पाप है : फा विनोय

30 गुम 26 में, संदेश देते फादर विनोय.जारी. ईश्वर का वचन सच्चा है. जिसके पास कलीसिया की कुंजी है, उसे खोलने पर बंद नहीं किया जा सकता है. मैं तुम्हारे आचरण से परिचित हूं. मैंने तुम्हारे लिए एक द्वार खोला है. जिसे कोई बंद नहीं कर सकता है. यह बातें फादर विनोय ने गुरुवार को […]

30 गुम 26 में, संदेश देते फादर विनोय.जारी. ईश्वर का वचन सच्चा है. जिसके पास कलीसिया की कुंजी है, उसे खोलने पर बंद नहीं किया जा सकता है. मैं तुम्हारे आचरण से परिचित हूं. मैंने तुम्हारे लिए एक द्वार खोला है. जिसे कोई बंद नहीं कर सकता है. यह बातें फादर विनोय ने गुरुवार को जरमना पारिस में आयोजित तीन दिवसीय आध्यात्मिक करिश्माई सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कही. कहा कि हमारे जीवन में दुख व कलेश आता है. चूंकि हमारे जीवन में ईश्वर के वचन के प्रति अविश्वास नहीं होता है. पाप, लड़ाई, अत्याचार इसलिए होते है. क्योंकि हमारे जीवन में दया व प्रार्थना का भाव नहीं है. परमेश्वर के जीवन का उल्लंघन ही पाप है. प्रभु यीशु हमें पापों से मुक्ति दिलाते हैं. उस पर विश्वास करने पर हमें चंगाई प्राप्त होता है. मौके पर मरसी डिवाइन आश्रम ईशुगढ़ा हजारीबाग के सदस्य फ्रांसिस, शांति व अलफ्रेड वास्की ने सम्मेलन को प्रार्थना व आनंदमयी बनाने में अहम भूमिका निभायी. सभा का समापन फा विनय द्वारा मिस्सा बलिदान अर्पित कर किया गया. मौके पर फा प्रकाश टेटे, फा लाजरूस बेंग, ब्रदर मुक्ति तिग्गा, एलवियुस तिर्की, जोसेफा तिर्की, पास्कल एक्का, रफाइल केरकेट्टा सहित हजारों ख्रीस्तीय धर्मावलंबी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >