Gumla Mushroom Farming: जिला उद्यान कार्यालय की ओर से उद्यान विकास योजना के तहत आयोजित पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया. जारी, चैनपुर और रायडीह प्रखंड के पांच केंद्रों पर आयोजित प्रशिक्षण में कुल 173 किसानों ने भाग लिया. इनमें जारी प्रखंड के आदिम जनजाति (कोरवा) समुदाय के 60 किसान समेत अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्गों के 113 किसान शामिल थे.
किसानों को मशरूम उत्पादन की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मशरूम के विभिन्न प्रकार, उत्पादन की अलग-अलग विधियों और इसके लिए आवश्यक सामग्री की जानकारी दी गई. इसके साथ ही मशरूम की पौष्टिकता और औषधीय गुणों के बारे में भी किसानों को बताया गया. किसानों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें प्रायोगिक रूप से मशरूम उत्पादन का अभ्यास भी कराया गया.
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बाजार और प्रसंस्करण की भी मिली जानकारी
एपीपी एग्रीगेट के निदेशक प्रभाकर कुमार ने किसानों को मशरूम के बाजार, उत्पाद प्रसंस्करण और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने किसानों को उत्पादन के साथ बाजार की संभावनाओं और उत्पाद को बेहतर तरीके से तैयार करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया.
प्रशिक्षण के बाद किसानों को सामग्री वितरित
प्रशिक्षण के समापन पर किसानों के बीच प्रमाणपत्र का वितरण किया गया. इसके अलावा बैग, स्प्रे सहित मशरूम उत्पादन से जुड़ी अन्य सामग्री भी किसानों को दी गयी. प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार और आय के साधन के रूप में अपनाने के लिए आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक अनुभव दिया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ अनमोल कुमार, पूनम संगा, गजाला परवीन समेत अन्य प्रशिक्षकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.
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