बंदूक छीनने का प्रयास करने के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलायी

गुमला : बघनी बूथ के पीठासीन पदाधिकारी रामाशीष प्रसाद थे, जबकि सहायक मतदानकर्मियों में आलोक कुमार, प्रशांत कुमार व बिरसा बड़ाइक थे. बूथ की सुरक्षा के लिए सिसई थाना के एक एएसआई व चार पुलिस जवान तैनात थे. पीठासीन पदाधिकारी श्री प्रसाद ने बूथ तक पहुंचने व हिंसा की जानकारी आंखों देखी प्रभात खबर प्रतिनिधि […]

गुमला : बघनी बूथ के पीठासीन पदाधिकारी रामाशीष प्रसाद थे, जबकि सहायक मतदानकर्मियों में आलोक कुमार, प्रशांत कुमार व बिरसा बड़ाइक थे. बूथ की सुरक्षा के लिए सिसई थाना के एक एएसआई व चार पुलिस जवान तैनात थे. पीठासीन पदाधिकारी श्री प्रसाद ने बूथ तक पहुंचने व हिंसा की जानकारी आंखों देखी प्रभात खबर प्रतिनिधि को बतायी है. श्री प्रसाद ने कहा कि उनका कलस्टर कोड़ेदाग को बनाया गया है. छह दिसंबर को कलस्टर पहुंचने के बाद आराम किया.

कलस्टर से बघनी बूथ चार किमी दूर है, इसलिए देर रात को ही कलस्टर से बूथ जाने के लिए निकले. पुलिस के जवानों की सुरक्षा में पैदल बूथ के लिए रवाना हुए. जंगल व खेत के रास्ते से पैदल चल कर पहुंचे. सुबह साढ़े पांच बजे बूथ पहुंच गये. ठंड थी. कंपाकंपा रहे थे. बूथ पहुंचने के बाद मशीन लगायी गयी.
पौने सात बजे मॉक पोल किया, तभी वोटरों की भीड़ आने लगी. सात बजे तक दर्जनों वोटर बूथ पहुंच चुके थे. सुबह सात से दिन के नौ बजे तक 890 में से 165 वोट पड़ चुके थे. सवा नौ बजे करीब 50 वोटर कतार पर थे, तभी बाहर हंगामा शुरू हो गया. कुछ युवक दबंगई दिखाते हुए पहले वोट करने का प्रयास किया, जब पुलिस के जवानों ने रोका, तो कुछ युवक पुलिस जवानों की बंदूक को लूटने का प्रयास किया.
पुलिस ने बंदूक लूटने वाले लड़कों को धक्का दिया. इसके बाद विवाद बढ़ गया. पहले ग्रामीणों ने गुलेल से हमला किया. पथराव किया. इसके बाद पुलिस के जवानों ने आत्मरक्षा में गोली चलायी. गलती से गोली कुछ मतदाताओं को लगी है. मतदाताओं को गोली लगने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल को घेर लिया, ताकि पुलिस के जवानों के साथ सभी मतदानकर्मियों को नुकसान पहुंचा सके.
ग्रामीणों के खराब मंसूबे को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए हम सभी को एक कमरे में बंद कर खुद स्कूल की छत पर मोरचा संभाल लिये. पुलिस के जवानों के मोरचा संभालने व हवाई फायरिंग करने के कारण ग्रामीण स्कूल तक नहीं सट सके, जिस कारण हमारी जान बची. अगर ऐसा नहीं होता, तो आज हम सभी मारे जाते.

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