स्कूल खुला, परंतु बच्चे थे गायब

कामडारा : सरकारी स्कूलों में बच्चों के ठहराव के लिए शिक्षा विभाग मिड डे मील जैसा कार्यक्रम चला रहा है, फिर भी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में नामांकन व बच्चों का ठहराव नहीं हो रहा है. यही नजारा प्रखंड के नवसृजित राजकीय उत्क्रमित विद्यालय मुरगा में देखने को मिला. बुधवार को स्कूल में एक भी […]

कामडारा : सरकारी स्कूलों में बच्चों के ठहराव के लिए शिक्षा विभाग मिड डे मील जैसा कार्यक्रम चला रहा है, फिर भी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में नामांकन व बच्चों का ठहराव नहीं हो रहा है. यही नजारा प्रखंड के नवसृजित राजकीय उत्क्रमित विद्यालय मुरगा में देखने को मिला. बुधवार को स्कूल में एक भी बच्चा मौजूद नहीं था, लेकिन स्कूल खुला था. स्कूल में मात्र एक पारा शिक्षिका अगाथा केरकेट्टा स्कूल में बच्चों की आस लगाये कुर्सी पर बैठी थी.
उक्त स्कूल में वर्ग पहली से सातवीं तक की पढ़ाई होती है, जहां नामांकित बच्चों की संख्या 16 है, परंतु बुधवार को एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया था. स्कूल में एक सरकारी शिक्षक शरद कुमार व पारा शिक्षिका अगाथा केरकेट्टा हैं. ग्रामीणों की मानें, तो सरकारी शिक्षक शरद कुमार हमेशा अपनी ड्यूटी से गायब रहते हैं. इस संबंध में बीइइओ जयप्रकाश नारायण ने पूछने पर उन्होंने विद्यालय की बदतर स्थिति को स्वीकारा. साथ ही बच्चों के नहीं आने का कारण शिक्षकों की लापरवाही बताया है.
इधर, जानकारी मिलने पर बीडीओ पवन महतो दिन के एक बजे नवसृजित राजकीय मवि मुरगा पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया. स्कूल की स्थिति देख कर वे भौचक रह गये. बीडीओ ने दूरभाष पर बीइइओ जयप्रकाश नारायण से बात करते हुए दोनों शिक्षकों के विरुद्ध स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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