बसिया प्रखंड के कलिगा की वृद्धा से राशन डीलर ने 13 हजार रुपया ठगा.
गुमला : नि:शक्तता पहचान-पत्र बनवाने के नाम पर राशन डीलर द्वारा एक वृद्धा से 13 हजार रुपये की ठगी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. मामला उजागर तब हुआ, जब पीड़िता सखी देवी मंगलवार को उपायुक्त के जनता दरबार में पहुंची. सखी देवी बसिया प्रखंड के कलिगा गांव की रहने वाली है. सखी का 14 वर्षीय पोता नि:शक्त है. सखी ने बताया कि गांव की राशन डीलर संध्या देवी ने नि:शक्तता प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए दो बार में 13 हजार रुपये ली है.
सखी ने बताया कि उसका पोता जन्म से नि:शक्त है. छह-सात साल पहले संध्या देवी ने कहा कि पोता का नि:शक्तता प्रमाण-पत्र बनवा देगी, परंतु तीन हजार रुपये चाहिए. सखी ने बताया कि पैसे मांगने पर संध्या को तीन हजार रुपया दे दिया, परंतु नि:शक्तता प्रमाण- पत्र नहीं बना.
संध्या से बात करने पर वह बार-बार सिर्फ आश्वासन देती थी. इधर, पिछले साल अगस्त माह में संध्या देवी दोबारा आयी और बोली कि 10 हजार रुपये और दो, पोता का नि:शक्तता प्रमाण-पत्र बन जायेगा. सखी ने बताया कि वह घर-घर जाकर दूध बेचने का काम करती है. दूध बेच कर जमा किये गये रुपये को संध्या को दे दी. इसके बाद भी नि:शक्तता प्रमाण-पत्र नहीं बना. सखी ने बताया कि इसकी शिकायत वह बसिया थाना में भी कर चुकी है.
उस समय संध्या को थाना भी बुलाया गया था, परंतु संध्या थाना में पैसे लेने की बात से मुकर गयी. सखी ने बताया कि गांव में और कई बच्चे भी नि:शक्त हैं. संध्या ने उन सभी से भी नि:शक्तता प्रमाण-पत्र बनवाने के नाम पर पैसा ले रखा है, परंतु अब तक किसी भी नि:शक्त का प्रमाण पत्र नहीं बनाया है. अब उपायुक्त का ही सहारा है.
