दुर्जय पासवान, गुमला
गुमला जिला के बसिया प्रखंड स्थित बोंगालोया गांव में कभी भी बीमारी फैल सकती है. यहां 100 परिवार खतरे में है. कारण, इस गांव के लोग दूषित चुआं का पानी पी रहे हैं. इस गांव में स्वच्छ पानी की सुविधा नहीं है. गांव के सभी चापानल बेकार पड़े हुए हैं. दो चापानल ठीक है. परंतु पानी नहीं निकलता है. जिस कारण लोग गांव से कुछ दूरी पर खेत में स्थित चुआं का पानी पी रहे हैं.
यह पानी भी हल्का काला दिखता है. लेकिन कोई दूसरा उपाय नहीं होने के कारण लोग लंबी दूरी तय कर खेत के चुआं से पानी लाकर पी रहे हैं. ग्रामीणों की मानें तो कई लोग शुगर बीमारी से पीड़ित हैं. ऐसे में दूषित पानी पीने से लोगों की जान का खतरा बढ़ रहा है. अगर प्रशासन जल्द स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं कराता है तो इस गांव में बीमारी फैलने का डर है.
गांव के कलमेंट बाड़ा, रामवृत गोप, देवेंद्र बाघवार, पंचु प्रधान, रनाई उरांव, मगता उरांव, सहनू लोहरा, गंदुर उरांव ने कहा कि गांव में 100 परिवार हैं. आबादी करीब पांच सौ है. गांव में कई समस्याएं हैं. लेकिन वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या पानी की है. गांव में जो चापानल है. वह बेकार पड़ा हुआ है. मुखिया को मरम्मत करने के लिए कहा गया तो फंड की कमी बतायी गयी.
जबकि तेतरटोली गांव, जहां आबादी कम है. उस गांव में सोलर सिस्टम लगाया गया है. यहां तक कि उस गांव में चापानल भी ठीक है. लेकिन ठीक उसके विपरित बोंगालोया गांव की ओर किसी का ध्यान नहीं है. जिस कारण गांव के लोग गंदा पानी पीने को विवश हैं. गांव के लोगों ने कहा कि अब गरमी सिर चढ़ने लगी है. अगर तत्काल में पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गयी तो परेशानी बढ़ जायेगी. क्योंकि तेज गरमी के साथ खेत का चुआं भी सुख जायेगा. ऐसी स्थिति में पानी नहीं मिलेगी.
