गुमला : भारत के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए लायंस क्लब गुमला ने दीपावली पर एक दीया शहीदों के नाम शीर्षक के तहत कवि सम्मेलन का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में संचालक व संयोजक की भूमिका आफताब अंजुम अजहर ने निभायी. कार्यक्रम की विशेषता रही कि शहादत वेदी के समक्ष सभी कवियों व श्रोताओं ने भारत के वीर शहीदों के नाम एक-एक दीया रोशन किया.
सम्मेलन में बोकारो, छत्तीसगढ़, जशपुर व रांची आदि के कवियों ने वीर रस से ओतप्रोत कविताएं सुनायी. इस कार्यक्रम का उद्घाटन लायंस क्लब के अध्यक्ष सुबोध कुमार लाल व सचिव अशोक जयसवाल ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में बोकारो से आये कवि ब्रजेश पांडेय ने कहा कि नमन है मातृभूमि पर शहीद के गुमान को, जो लड़ मरा झुका नहीं, नमन है उसकी शान को. रांची से आये कवि नितेश मिश्रा ने कहा कि अंधेरी है जिंदगी, है रात काली. कहां मनती है, अब दिल में दिवाली बुझे हुए दीपक में स्वयं को है खोती.
क्यों उजाले दिन में भी मेरी रात होती. जशपुर से आये हुए कवि विश्वबंधु शर्मा ने अपनी रचना में कहा मैं नमन करने को आया वीर पुत्रों की धरा को, उन सपूतों को जिनके दम पे हम सब जी रहे हैं. कवयित्री रूपाश्री शर्मा श्यामांगिनी ने सुनाया कि मुझे भी जाने दो सरहद पे अब लड़ाई में, फकत पहननी नहीं चूड़ियां कलाई में. आफताब अंजुम अजहर के गीत जो हैं सरहद पे उनको सलाम, एक दीया है शहीदों के नाम.
यह गीत कार्यक्रम के आकर्षण का केंद्र रहा. अजय किशोर नाथ पांडेय ने कहा कि प्यार कोई सरकारी नौकरी नहीं, जिसका रिटायरमेंट होता है, ये तो 60 सालों के बाद परमानेंट होता है. कमर गयावी ने कारगिल के नौजवान शीर्षक कविता पढ़ कर महफिल में जान डाल दी. चांद मंजर ने घुसने ना देंगे सरहद से गद्दारों को गीत प्रस्तुत किया. सरफराज कुरेशी ने अपने हास्य अंदाज में कविता सुनायी कि जिसने सरहद फांदने के धंधे बना के रखे हैं, हमने भी उनके लिये फंदे बना के रखे हैं, इस पर लोगों ने खूब ठहाके लगाये.
अफरोज सागर ने भी अपनी गजल प्रस्तुत की. सभी कवियों को सम्मानित भी किया गया. रूपाश्री शर्मा की काव्य रत्न से सम्मानित किया गया. मौके पर बीएन सिंह, ओम प्रकाश साहू, महेश प्रसाद, राजकुमार अग्रवाल, पंकज कुमार गुप्ता, बाबूलाल चौहान, अंबिका लाल साहू, प्रवीण कुबेर गुप्ता, पदम कुमार साबू, विशाल कुमार बिट्टू, अशोक आंनद, शशि किरण जायसवाल, मनोरमा साहू, सुषमा साहू, किरण केसरी, मनमोहन केसरी, राज आनंद, रिचा गुप्ता सहित काफी लोग उपस्थित है.
शायर अंजुम को मिला गुमला गौरव सम्मान
गुमला के शायर-कवि आफताब अंजुम को लायंस क्लब ने साहित्य के क्षेत्र में गुमला गौरव सम्मान से नवाजा. लायंस क्लब के सचिव अशोक जायसवाल ने कहा कि गुमला की साहित्यिक गतिविधि पिछले 20-25 वर्षों से अंजुम जी के प्रयासों से जारी है. उन्होंने लंबे समय से साहित्य के क्षेत्र में अपना योगदान दिया है.
