इधर, शाहिद के पकड़े जाने के बाद घाघरा में चर्चा रहा कि दूसरों को बचाने में खुद फंस गया. शाहिद के पकड़े जाने के बाद इस साल गुमला जिले में एसीबी ने पांच घूसखोरों को अब तक अपना शिकार बनाया है. 22 मार्च 2017 को एसीबी की टीम ने बिजली विभाग के एसडीओ अभय मोहन सहाय व क्लर्क दिलीप कुमार को 4500 रुपये घूसे लेते पकड़ा था.
शिकायतकर्ता पालकोट के रिजवान से नया बिजली कनेक्शन के नाम पर घूस मांगा था. 18 मई 2017 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची की 16 सदस्यीय टीम ने सिसई अंचल के हलका कर्मी रवींद्र कुमार झा को एक हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा. बरटोली गांव निवासी सीमेंट विक्रेता भरत महतो ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के आरक्षी अधीक्षक को जमीन की दाखिल खारिज को लेकर हलका कर्मी रवींद्र कुमार झा द्वारा घूस मांगने की शिकायत की थी. 12 सितंबर 2017 को एसीबी ने घाघरा प्रखंड के पंचायत सेवक दिगंबर ओहदार को कूप निर्माण में 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था. घाघरा प्रखंड में एसीबी का यह दूसरा शिकार है. पहले दिगंबर ओहदार और अब शाहिद अनवर पकड़ा गया.
