इसके बाद जांच के लिए टीम कितने बजे मनोज के घर पहुंचेगी. इसके लिए मंगलवार की रात को रणनीति बनी थी. मंगलवार रात 10 बजे बैठक कर रणनीति बनी कि सुबह में जांच करना है. टीम की सोच थी कि मनोज सिंह को भी पकड़ना है. इसी रणनीति के तहत टीम सुबह छह बजे पहुंची. लेकिन मनोज सिंह नहीं मिला. पुलिस अधिकारी रात से ही परेशान थे. जब शाम पांच बजे जांच खत्म हुआ तो पुलिसकर्मी सांस लिये. इधर, एक जवान ने बताया कि एनआइए के अधिकारी रात को भी नहीं सो पाते हैं. रातभर काम करते हैं.
जिससे नक्सली सुधाकरण के केस का पूरा खुलासा कर सकें. टीम गुमला में सुधाकरण की संपत्ति व उससे कनेक्शन की जांच कर रही है. यहां जांच में काफी कुछ मिल रहा है. पहले रीपोज रेस्ट हाउस में नक्सलियों के ठहरने के बाद नक्सलियों से ठेकेदारों के कनेक्शन का खुलासा हुआ है.
