ब्लड बैंक के कर्मियों ने मरीज के बड़े भाई गणेश उरांव को कहा कि पहले खून दें, तब अस्पताल से खून मिलेगा. अंत में मरीज का भतीजा बहुरा उरांव डेढ़ बजे अस्पताल आकर खून दिया, लेकिन अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीज को खून नहीं चढ़ाया गया. परिजन एक घंटा 40 मिनट तक खून चढ़ाने के लिए भटकते रहे. कर्मियों द्वारा समय पर मरीज को खून नहीं चढ़ाया गया, जिससे 5.10 बजे मरीज की मौत हो गयी.
मृतक की पत्नी लीली देवी, बड़ा भाई गणेश उरांव व चचेरा भाई करमा उरांव ने बताया कि बसिया के बीमार होने पर सोमवार को उसे अस्पताल में भरती कराया. डॉ एन सुरीन ने जांच की. इसके बाद मंगलवार को कहा गया कि बसिया के शरीर में खून की कमी है. उसे खून चढ़ाना होगा. बुधवार को गणेश उरांव ब्लड बैंक गया और खून मांगा, लेकिन कर्मियों ने कहा कि पहले आप खून देंगे, तभी ब्लड बैंक से खून मिलेगा. इसके बाद गणेश ने बहुरा को गांव से बुलाया. बहुरा डेढ़ बजे अस्पताल पहुंचा और खून दिया. लेकिन बहुरा द्वारा दिये गये खून को मरीज को नहीं चढ़ाया गया, जिससे मरीज की मौत हो गयी. मृतक बसिया पेशे से गरीब किसान था.
