गुमला : गुमला के सरकारी शिक्षक रविशंकर मिश्रा के वेतन मामले में जिले के पूर्व डीएसइ पर कार्रवाई होगी. ज्ञात हो कि रविशंकर मिश्रा की नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग की अनुशंसा पर वर्ष 1994 में प्रारंभिक शिक्षक पद पर हुई थी. वहीं रविशंकर मिश्रा के साथ 1994 में ही नियुक्त समान योग्यताधारी कुछ शिक्षकों को रविशंकर मिश्रा से अधिक वेतन मिल रहा है.
अन्य शिक्षकों की तरह ही वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर रविशंकर ने जिले के पूर्व डीएसइ को कई बार आवेदन दिया, लेकिन आवेदन पर अब तक किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई. जिला स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद रविशंकर ने मुख्यमंत्री जनसंवाद का सहारा लेते हुए सीधे सीएम से शिकायत की. शिकायत के आलोक में मंगलवार को मुख्यमंत्री के सचिव एसके वर्णवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिले के मुख्यमंत्री जनसंवाद के नोडल पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी विजय वर्मा को निर्देश दिया कि मामले की जांच करें और एक सप्ताह में रिपोर्ट जमा करें. डीएसइ पर कार्रवाई होगी.
एक सप्ताह के अंदर मुआवजा देने का निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंस में सचिव ने स्व रामनारायण सिंह के मामले की सुनवाई करते हुए आश्रित पत्नी शकुंतला देवी को मुआवजा की राशि देने का निर्देश दिया है. ज्ञात हो कि रामनारायण सिमडेगा जिला के रहने वाले थे. वर्ष 1990 से सीमाहातु पंचायत में ग्रामसभा में दलमति के पद पर कार्यरत थे. 26 जून 2015 को गुमला जिला क्षेत्र में उनकी हत्या कर दी गयी. पति की मौत के बाद पत्नी शकुंतला देवी ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी और मुआवजा की मांग को लेकर सिमडेगा डीसी को आवेदन दिया था. लेकिन रामनारायण की हत्या गुमला जिला में हुई थी, इसलिए शकुंतला के आवेदन को गुमला भेज दिया गया. समीक्षा के क्रम में सचिव ने बताया कि आश्रित को मुआवजा देने के लिए पहले ही आवंटन उपलब्ध करा दिया गया है. एक सप्ताह के अंदर मुआवजा राशि उपलब्ध करायें.
पलामू की समीक्षा नहीं की, डीसी से स्पष्टीकरण
जिलेवार समीक्षा के क्रम में सचिव ने पलामू के अधिकारियों के मनमाने कार्य पर नाराजगी प्रकट की. वीडियो कॉन्फ्रेंस में पलामू के मुख्यमंत्री जनसंवाद के नोडल पदाधिकारी नहीं थे. जब पलामू की बारी आयी, तो सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल अन्य पदाधिकारियों से नोडल पदाधिकारी के बारे में जानकारी ली. बताया गया कि नोडल पदाधिकारी नहीं हैं. इस पर सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में डीसी को बुलाने को कहा, लेकिन डीसी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस में नहीं पहुंचे. इस पर सचिव ने कहा कि पलामू की समीक्षा नहीं करेंगे. वहीं उन्होंने डीसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
