व्यवस्था पर सवाल: थम नहीं रहा है सदर अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला, एक और मासूम की गयी जान

गुमला: गुमला सदर अस्पताल में एक और बच्चे की मौत हो गयी. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. बताया गया कि एसएनसीयू में शुक्रवार की रात 18 दिन की एक बच्ची स्वस्थ थी, लेकिन शनिवार की सुबह जब मां दूध पिलाने गयी, तो बच्ची मृत मिली. बच्ची की मौत के […]

गुमला: गुमला सदर अस्पताल में एक और बच्चे की मौत हो गयी. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. बताया गया कि एसएनसीयू में शुक्रवार की रात 18 दिन की एक बच्ची स्वस्थ थी, लेकिन शनिवार की सुबह जब मां दूध पिलाने गयी, तो बच्ची मृत मिली. बच्ची की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है. वह अपनी मृत बच्ची को गोद में लिये गांव पहुंची.

जानकारी के अनुसार, ढिढौली छापरटोली गांव के अशोक लोहरा की पत्नी मोनिका देवी ने 18 दिन पहले अस्पताल आने के क्रम में रास्ते में एक बेटी को जन्म दिया था. परिजनों ने मां व बच्ची को गुमला अस्पताल में भर्ती कराया. बच्ची थोड़ी कमजोर थी. उसे एसएनसीयू में रखा गया. 18 दिन तक एसएनसीयू में रखे जाने से बच्ची स्वस्थ हो गयी थी, लेकिन अचानक बच्ची की मौत हो गयी. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.
नर्स कर रही थी इलाज : परिजन
बच्ची के पिता अशोक लोहरा के अनुसार, बच्ची कमजोर थी. 18 दिन तक इलाज चलने के बाद वह ठीक हो गयी थी. नर्स के भरोसे बच्ची का इलाज चल रहा था. डॉक्टर देखने नहीं आते थे. अचानक उसकी मौत हो गयी. अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से बच्ची मरी है.
बच्ची प्री-मेच्योर थी. वजन एक किलो 300 ग्राम था. बच्ची कमजोर थी, इसलिए उसे एसएनसीयू में रख कर इलाज किया जा रहा था. कमजोरी के कारण ही बच्ची की मौत हुई है.
डॉ आरएन यादव, उपाधीक्षक
गुमला सदर अस्पताल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >