गुमला: गुमला प्रखंड की करौंदी व तेलगांव पंचायत को श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना के तहत शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गयी. अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव शिवेंद्र प्रसाद सिन्हा ने की.
इसमें दोनों पंचायतों में योजनाओं की प्रगति के संबंध में 22 बिंदुओं पर चर्चा की गयी. संयुक्त सचिव ने कहा इस मिशन के तहत करौंदी व तेलगांव पंचायत में शहरों की तरह आधारभूत संरचना को विकसित करना है. यहां के लोगों को उनकी जीवनशैली एवं उनके सांस्कृतिक तौर तरीके को अक्षुण रखते हुए शहर के समान सुविधाएं देना है. यह काम ग्रामीणों की सहभागिता के बगैर संभव नहीं है. इन दो कलस्टरों की महिलाओं एवं युवाओं को आगे लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बना कर गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित बनाना है. योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभागों को अपना-अपना काम शुरू करने का निर्देश दिया गया.
मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने का निर्देश
संयुक्त सचिव ने निर्देश दिया कि इन दो पंचायतों के लिए बनाये गये सभी 114 स्वयं सहायता समूहों को पूरी तरह से क्रियाशील करें. उन्होंने कहा कि परंपरागत कृषि, पशुपालन तथा बागवानी जैसे व्यवसायों के अलावा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों, वन उत्पादों के उत्पादन तथा प्रोसेसिंग कर बाजार के द्वार खोलने के लिए सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों को समन्वय बना कर मदद करने की आवश्यकता है. दोनों पंचायतों में मधुमक्खी पालन तथा सखुआ पत्ता का दोना, पत्तल बनाने की अपार संभावनाएं हैं. इसके अलावा बांस से बने क्राफ्ट का भी विकास किया जा सकता है. उनके उत्पादों को झारक्राफ्ट तथा अन्य विपणन एजेंसियों से जोड़ कर लोगों को आजीविका से जोड़ा जा सकता है. उन्होंने स्वास्थ्य, सड़क, सामाजिक सुरक्षा, बिजली व पानी के लिए फंड की कमी नहीं होने देने का आश्वासन दिया. इस मिशन के सभी कार्यकारी एजेंसियों तथा विभागों को निर्देश दिया कि अगर आपके विभाग में फंड की कमी है, तो उपायुक्त के माध्यम से आवंटन के लिए विभाग को लिखें. पंचायत के माध्यम से पारित तथा भारत सरकार द्वारा मिशन के लिए स्वीकृत योजनाओं का जल्द से जल्द कार्ययोजना तथा प्राक्कलन तैयार कर विभागों से स्वीकृति ले लें.
इन योजनाओं पर काम करने का निर्देश
दोनों पंचायत के विकास कार्यों में युवाओं एवं महिला मंडलों को विभिन्न स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग के उपरांत आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने, किसानों को आधुनिक कृषि, पशुपालन, बागवानी व नये तकनीकों से अवगत कराने, डेयरी फाॅर्मिंग व्यवसाय से जोड़ने, कृषि वन उत्पादों का प्रोसेसिंग, सभी गांवों को डिजिटल साक्षरता क्रांति से जोड़ने, 24 घंटे साफ पानी की आपूर्ति, आरओ प्लांट की स्थापना, सेनिटेशन के तहत सभी घरों में टॉयलेट, गांवों तक बारहमासी पक्की सड़कों का निर्माण, सिंचाई सुविधाओं को उपलब्ध करना, स्ट्रीट लाइट लगाना, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, शिक्षा, मनोरंजन, खेल, संसाधनों को उपलब्ध करना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट देना, वनरोपण, पर्यटन केंद्र के रूप में तेलगांव डेम का विकास व मानव तस्करी के शिकार लोगों के लिए पुनर्वास केंद्र बनाने आदि पर चर्चा की गयी.
