राजमहल कोल परियोजना के ऊर्जानगर राजमहल हाउस में बुधवार को संयुक्त ट्रेड यूनियन की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता यूनियन नेता रामजी साह ने की. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भारत सरकार द्वारा लाये गये चार श्रम कोड काले कानून हैं. इसके विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल बुलाने का निर्णय किया गया. हड़ताल को परियोजना में सफल बनाने के लिए अध्यक्ष रामजी साह और सलाहकार प्रमोद हेंब्रम व अहमद अंसारी को जिम्मेदारी सौंपी गयी. अध्यक्ष रामजी साह ने कहा कि हड़ताल की सफलता के लिए मजदूरों के बीच जागरूकता फैलाना आवश्यक है. इसके लिए प्राइवेट कंपनी के मजदूरों तक भी पहुंचकर गेट मीटिंग की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि चार श्रम कोड लागू होने से मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला होगा और मजदूर अपने हक के लिए लड़ाई नहीं लड़ पाएंगे. उन्होंने कहा कि यह कानून केवल पूंजीपतियों के फायदे के लिए है और मजदूरों का शोषण करेगा. किसी भी हाल में इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा. मौके पर यूनियन नेता मिस्त्री मरांडी, प्रदीप पंडित, गुरु प्रसाद हाजरा, रविकांत सिंह, प्रमोद हेंब्रम, अली हुसैन, महेंद्र हेंब्रम, राम सुंदर महतो, खगेंद्र महतो, बाबूलाल किस्कू, अरविंद पांडे, लखनदर लोहार, सीताराम महतो, संदीप कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
संयुक्त ट्रेड यूनियन की बैठक में हड़ताल सफल बनाने के लिए समिति का गठन
राजमहल कोल परियोजना में चार श्रम कोड के विरोध में हड़ताल की तैयारी
