बिजली की मांग को लेकर महिलाओं ने राजमहल कोल परियोजना का कार्य किया ठप

राजमहल कोल परियोजना में बिजली की मांग को लेकर महिलाओं ने पांच घंटे तक सड़क जाम किया, जिससे कोयला ढुलाई का काम पूरी तरह से ठप रहा।

राजमहल कोल परियोजना के जीरो प्वाइंट के समीप सोमवार को बड़ा भोराय गांव की महिला ग्रामीणों ने बिजली सुविधा की मांग को लेकर लगभग पांच घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ जाम दोपहर बाद लगभग तीन बजे अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ. इस दौरान परियोजना का कोयला डिस्पैच और ढुलाई पूरी तरह बाधित रही. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि कई वर्ष पूर्व परियोजना प्रबंधन ने उन्हें पुनर्वास स्थल पर बसाया था, लेकिन आज तक वहां बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गयी है. उन्होंने कहा कि पुनर्वास कॉलोनी में बड़ी संख्या में गरीब परिवार निवास करते हैं, जिन्होंने अपनी बहुमूल्य जमीन परियोजना के लिए दी थी.

ग्रामीणों का कहना था कि उनकी जमीन से परियोजना ने करोड़ों रुपये का कोयला निकाला, लेकिन बदले में अब तक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करायी गयी हैं. महिलाओं ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व परियोजना के अधिकारियों ने जल्द बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गयी. इसी कारण ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा. जाम की सूचना मिलते ही राजमहल कोल परियोजना के कार्मिक प्रबंधक प्रणव कुमार तथा बिजली विभाग के अधिकारी प्रियांदु रंजन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि तीन दिनों के भीतर परियोजना प्रबंधन की ओर से बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में की जा रही कार्रवाई और कार्य प्रगति की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिला ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद कोयला डिस्पैच और ढुलाई का कार्य पुनः सामान्य हो गया. कार्मिक प्रबंधक प्रणव कुमार ने बताया कि जाम के कारण लगभग 7,000 टन कोयले का डिस्पैच एवं परिवहन प्रभावित हुआ, जिससे परियोजना को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.


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Author: Sanjeet kumar

Published by: Sweta Vaidya

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