मेहरमा प्रखंड क्षेत्र की लकड़मारा पंचायत के जीताचक गांव में सोलर जलमीनार के खराब होने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. गांव की आबादी लगभग 400 है. 15वें वित्त से लगभग छह लाख रुपये की लागत से गांव में दो सोलर जलमीनार स्थापित किये गये थे. इनके लगने से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गयी थी, क्योंकि इससे उन्हें शुद्ध पानी उपलब्ध होने की उम्मीद थी और भविष्य में पेयजल की समस्या दूर हो जाने की संभावना थी. कुछ ही महीनों में सोलर जलमीनार खराब हो गया और चापाकल भी बेकार पड़ गया. ग्रामीणों ने मुखिया और प्रखंड प्रशासन को शिकायत की, जिसके बाद जलमीनार को मरम्मत के लिए ठीक कराया गया. लेकिन कुछ ही समय बाद यह फिर से खराब हो गया. अब न तो ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिल रहा है और न ही चापाकल से पानी की आपूर्ति हो पा रही है. ग्रामीण सीताराम दास, मनोज दास, पिंकु कुमार, फुटिल दास, एतवारी रविदास, टुनटुन रविदास, बाबूराम किस्कू और मानवेल किस्कू ने वरीय पदाधिकारियों से सोलर जलमीनार को जल्द ठीक कराने की मांग की है. उनका कहना है कि बिना पानी के गांव के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है और तत्काल समाधान की आवश्यकता है.
लकड़मारा पंचायत के जीताचक गांव में सोलर जलमीनार फिर से खराब

लकड़मारा पंचायत के जीताचक गांव में सोलर जलमीनार फिर से खराब
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ग्रामीण शुद्ध पेयजल के अभाव में परेशान, वरीय पदाधिकारियों से सुधार की मांग