लगातार बारिश से सब्जी उत्पादन को भारी नुकसान, गोड्डा की रसोई पर महंगाई की मार

सब्जियों की कीमतों में 150% तक वृद्धि, रसोई का बिगड़ा संतुलन

गोड्डा जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है. खेतों में जलजमाव के कारण लौकी, करेला, खीरा, परवल जैसी हरी सब्जियों की फसलें सड़ने लगी हैं. उत्पादन में भारी गिरावट के चलते बाजार में सब्जियों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. किसानों का कहना है कि उनकी महीनों की मेहनत पानी में बह गयी है और उन्हें भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है. गांव के किसान वासुदेव महतो, सदानंद महतो, जयराम महतो और बालकृष्ण मंडल ने बताया कि खेतों में पानी भरने से पौधे गल चुके हैं और उत्पादन लगभग समाप्त हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई सहायता या सर्वेक्षण नहीं किया गया है.

मध्यम वर्ग की कमर टूटी, सब्जी खरीदना हुआ मुश्किल

सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. घरेलू महिलाओं का कहना है कि दो माह पूर्व जो किचन का मासिक बजट 5 से 7 हजार रुपये था, वह अब 10 से 12 हजार रुपये तक पहुंच गया है. महंगाई की मार से मध्यम वर्ग की कमर टूट रही है. एक गृहिणी ने बताया कि सब्जियां किचन की जरूरी चीज है, इसे छोड़ा नहीं जा सकता. लेकिन मौजूदा दामों पर इसे खरीदना बेहद कठिन हो गया है. अब किलो के बजाय पाव में सब्जी खरीदनी पड़ रही है.

कोल्ड स्टोरेज के अभाव में बर्बाद हो रहा उत्पादन

गोड्डा में कोल्ड स्टोरेज की कमी के कारण हर वर्ष लाखों की सब्जियां व फल बर्बाद हो जाती है. किसान अपनी उपज को संग्रहित नहीं कर पाते, जिससे उन्हें मजबूरी में कम कीमतों पर माल बेचना पड़ता है. थोक विक्रेताओं को भी इससे काफी परेशानी होती है. स्थानीय किसानों ने प्रशासन से कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की मांग की है. साथ ही यह भी आरोप लगाया कि सब्जी बाजार पर सरकारी नियंत्रण नहीं है, जिससे व्यापारी वर्ग मनमानी कीमतें तय कर रहा है.

बंगाल, रांची और पटना से आ रही हैं सब्जियां, स्थानीय आपूर्ति ठप

गोड्डा की थाली में अब स्थानीय सब्जियों की बजाय बाहरी राज्यों से आयी सब्जियां परोसी जा रही है. रांची से फूलगोभी, बंदागोभी, मशरूम और टमाटर आ रहे हैं जबकि परवल, बैंगन, आलू और खीरा बंगाल व पटना से मंगाये जा रहे हैं. कारोबारियों का कहना है कि अत्यधिक वर्षा के चलते खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गयी है और आवक कम होने से कीमतें लगातार बढ़ रही है.

सब्जियों के मौजूदा खुदरा मूल्य (प्रति किलो / पीस)

सब्जी मूल्य (₹)

बंद गोभी ₹40 प्रति पीस

फूलगोभी ₹50 – ₹80 प्रति पीस

भिंडी ₹60 – ₹80 प्रति किलो

नेनुआ ₹40 – ₹50 प्रति किलो

बैंगन ₹60 प्रति किलो

टमाटर ₹80 प्रति किलो

लौकी ₹30 – ₹40 प्रति पीस

हरी मिर्च ₹80 प्रति किलो

परवल ₹60 प्रति किलो

कौंकरी ₹150 प्रति किलो

गाजर ₹50 प्रति किलो

खीरा ₹50 प्रति किलो

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SANJEET KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >