गोड्डा का पूर्वी क्षेत्र बना हॉर्टिकल्चर का हब, सैंकड़ो एकड़ जमीन में लहलहा रहा है गोभी की फसल, एक सीजन में किसानों को लाखों का फायदा

करीब 15 सालों के दौरान सब्जी की खेती का चढ़ा परवान, हरी सब्जी बेचकर किसान हो रहे मालामाल

जहां कभी लोग कुलथी जैसी फसल को लगाकर कुछ पैसे से ही संतुष्ट हो जाते थे, आज उस क्षेत्र के किसानों के खेत हरी सब्जियां लहलहा रही है. सैकड़ों एकड में लगी हरी सब्जी गंगा दियारा लैंड से कम नहीं दिखता है. किसान सब्जी की बेहतर खेती कर सलाना लाखों रुपये आराम से कमा रहे हैं. किसान का मिट्टी के साथ जुड़ाव व प्रेम ने गोड्डा के पूर्वी क्षेत्र के कई गांवों को आज हॉर्टिकल्चर का हब माना जा रहा है. इस क्षेत्र के किसान स्वयं इस तरह से मजबूत हैं कि उन्हें जन प्रतिनिधि व अन्य किसी के पास अपना दुखड़ा रोने की जरूरत नहीं है. क्षेत्र में लगातार 15 वर्षों के दौरान सब्जी उत्पादन को लेकर इस तरह का माहौल बन गया है कि लोग आराम अपनी धुन में खेती का काम कर जीवन को आराम से जी रहे है.

किस गांव के लोग सबसे ज्यादा कर रहे हैं सब्जी की खेती :

गोड्डा प्रखंड के नुनबट्टा गांव के सैकड़ों एकड़ जमीन में गोभी की खेती की जा रही है. वहीं गांव के महतो टोला, मोहली टोला, भुटू टोला, देबो टोला के लोग इस तरह की खेती पर ध्यान दे रहे हैं. निपनियां गांव के सैकड़ों एकड में लोग खीरा, झिंगली, नेनुआ के साथ कद्दू आदि की खेती सर्वाधिक मात्रा में करते हैं. बेलबथान गांव के किसानों को सबसे ज्यादा मुनाफा कोकड़ी की खेती से हो रहा है, यहां एक-एक किसान दो से तीन बीघे में कोकड़ी की फसल लगाकर शुरूआत में 150 से लेकर साठ रुपये तक अंत-अंत तक बेचते हैं. एक बीघा में कोकड़ी लगाने वाले सदानंद महतो का कहना है कि उसे तीन से पांच हजार रुपये प्रतिदिन का आमदनी होता है. इस तरह से एक सीजन के दो से तीन माह के दौरान करीब तीन से चार लाख रुपये आराम से कमा लेते हैं. नुनबट्टा गांव की बात की जाये तो यहां गोभी के सीजन में केवल गोभी लगाकर एक किसान एक से लेकर तीन लाख की कमाई करते हैं, जबकि टमाटर, आलू , मूली, शकरकंद आदि से भी अच्छा मुनाफा हो जा रहा है. इस समय किसान लगातार वर्षा की चिंता छोड़ अपने खेतों में गोभी की फसल लगाये हैं. किसी किसान के गोभी में फूल आ गया है, तो किसी का बड़ा हो रहा है. अभी कुछ किसान अपने खेतों में लगा ही रहे है. इस तरह से करीब 10 हजार से लेकर 25 हजार गोभी के पौधे लगाकर किसान बेहतर पैदावार कर रहे है. सब्जी की खेती में आमदनी इस तरह है कि बेलबथान के कई किसान आज कोकड़ी की खेती दो से तीन बीघा में करके अपनी बेटी की शादी बड़े शहरों में इंजीनियर व बेहतर पद वाले लड़के से रिश्ता कर रहे हैं. क्षेत्र के किसान विनोद कुमार महतो, उमेश महतो, सदानंद कुशवाहा आदि का कहना है कि अगर एक से दो बीघे जमीन पर बेहतर तरीके से सब्जी में गोभी, टमाटर लगाकर उन्हें साल में तीन से चार लाख रुपये आमदनी है. कई परिवार को भी रोजगार मिल रहा है. बड़ी संख्या में बाहर से व्यापारी आकर ट्रक से सब्जी खरीद कर ले रहे हैं.

‘इस क्षेत्र को अब सब्जी उत्पादन का हब कहा जाने लगा है. किसान 15 से 20 वर्षों के दौरान केवल सब्जी का उत्पादन कर अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दे रहे हैं और शहर में रखकर पढ़ा रहे हैं. कई किसान तो अपने बच्चों को बड़े शहर में शिक्षा दिला रहे हैं. यह केवल सब्जी उत्पादन करने का सुखद परिणाम है. आने वाले समय में अगर किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करायी जाये, तो क्षेत्र के किसान स्वयं महाजन की तरह रहेंगे. सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने का कारण सिर्फ जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं दिया जाना है.

-प्रेम कुशवाहा, किसान नेता, नुनबट्टाB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >