महागामा:
महागामा क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सिविल सेवा की तैयारी का बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है. ग्रामीण विकास मंत्री सह महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह की ओर से 'प्रियदर्शिनी प्रतिभा मंत्री दीपिका पांडेय योजना' शुरू की गयी है. योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को UPSC और JPSC जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जायेगा.
इंटर कॉलेज और जय नारायण स्कूल में हुई छात्रवृत्ति परीक्षा
इसी क्रम में Ayaansh – The Civil Services की टीम की ओर से इंटर कॉलेज, महागामा एवं जय नारायण 2 उच्च विद्यालय, महागामा में छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की गयी . परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. विद्यार्थियों की भागीदारी से योजना को लेकर क्षेत्र में बढ़ती रुचि का भी पता चला.
UPSC-JPSC की तैयारी के लिए मिलेगा मार्गदर्शन
योजना का उद्देश्य महागामा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को UPSC एवं JPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है. विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी की रणनीति, अनुशासन और नियमित अध्ययन के महत्व की जानकारी भी दी गयी .
राहुल कुमार ने कहा कि यह पहल महागामा के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने कहा कि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के प्रयास से क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सिविल सेवा की तैयारी के लिए बेहतर मंच मिल रहा है, जो उनके भविष्य को नई दिशा दे सकता है. महागामा के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की है.
चयनित विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष शैक्षणिक सहयोग
योजना के तहत चयनित प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सिविल सेवा की तैयारी के लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक या संसाधनों की कमी के कारण सिविल सेवा में जाने का अपना सपना पूरा करने से वंचित न रहे.
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए उम्मीद की किरण
प्रियदर्शिनी प्रतिभा योजना को महागामा क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा. इससे आने वाले समय में क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं में बेहतर प्रतिनिधित्व का रास्ता खुल सकता है.
