आरओ वॉटर प्लांट बंद होने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी

परियोजना प्रबंधन द्वारा ऊर्जा नगर में लाखों की लागत से बनाया गया था दो वाटर प्लांट

राजमहल कोल परियोजना के ऊर्जानगर में आरओ वाटर प्लांट कई महीनों से बंद हो जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों को शुद्ध पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है. वाटर प्लांट राजमहल कोल परियोजना के प्रबंधन द्वारा ऊर्जा नगर में दो वाटर प्लांट लाखों रुपये की लागत से बनाया गया था. प्रबंधन द्वारा पुनर्वास स्थल पर भी वाटर प्लांट बनाया गया है, जो बंद पड़ा हुआ है. परियोजना को स्थापित करने के लिए क्षेत्र के रैयतों अपनी कीमती जमीनें दी. जमीन लेने के समय प्रबंधन ने ग्रामीणों से कहा था कि लोगों को मूलभूत सुविधा प्रबंधन देगी. आरआर पॉलिसी के तहत प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को पीने का पानी सड़क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है. लेकिन प्रबंधन कोई भी सुविधा ग्रामीणों को नहीं दे रही है. ग्रामीण को शोषण किया जा रहा है. कोयला के धूलकण एवं हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीण परेशान है. प्रबंधन के रवैया के कारण ग्रामीण अपनी जमीन नहीं दे रहैं हैं. जिससे परियोजना का विस्तार नहीं हो रहा है.

ग्रामीणों ने प्रबंधन पर लगाया उदासीनता का आरोप

ग्रामीण अरुण कुमार, मोहम्मद लड्डन, सावित्री देवी, अलका तिवारी, गीता देवी, जुम्मा दत्ता, सिंपल देवी, गुलाबी देवी, कल्पना देवी, ज्योति देवी ने कहा कि ललमटिया के ईसीएल कॉलोनी में प्रबंधन द्वारा ग्रामीण को शुद्ध पीने के पानी उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये के लागत से वाटर प्लांट बनाया गया था. लेकिन प्रबंधन के उदासीनता के कारण प्लांट बंद पड़ा हुआ है. जबकि ठेकेदार को मालामाल करने के लिए टैंकर के द्वारा पानी ग्रामीण क्षेत्रों में भेजने का काम किया जा रहा है. प्रबंधन पानी की समस्या का स्थाई समाधान नहीं करना चाहती है अगर स्थाई समाधान हो जाने पर टैंकर पर होने वाले करोड़ों खर्च बच जाएगा. इंजीनियर संजीव कुमार ने बताया कि वाटर प्लांट मैं तकनीकी खराबी है जल्द शुरू किया जाएगा.

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Author: SANJEET KUMAR

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