तस्वीर:- 43 सरकंडा चौक पर नवनिर्मित बजरंगबली मंदिर की प्रतिनिधि, गोड्डा शहर के सरकंडा चौक पर नवनिर्मित बजरंगबली मंदिर में आगामी 29 अप्रैल से तीन दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठान और श्री विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है. कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजकों एवं भक्तों में भारी उत्साह है. आयोजन समिति से मिली जानकारी के अनुसार, सरकंडा चौक पर नवनिर्मित बजरंगबली मंदिर में बजरंगबली एवं अन्य देवी-देवताओं के प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हेतु अनुष्ठान की शुरुआत 29 अप्रैल बुधवार से होगी और यह एक मई शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी. प्रथम दिन कार्यक्रम का शुभारंभ अंग प्रायश्चित और भव्य कलश शोभायात्रा के साथ होगा. इसके पश्चात पुण्याहवाचन, पंचांगपीठ पूजन और मंडप प्रवेश के कार्यक्रम संपन्न होंगे. संध्या काल में जलाधिकरण, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा. दूसरे दिन पंचांगपीठ पूजन और वेदी पूजन के साथ अन्नाधिवास एवं सर्वाधिवास की प्रक्रिया पूरी होगी. इस दिन का मुख्य आकर्षण नगर भ्रमण और महास्नान होगा. विशेष रूप से काशी से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया जाएगा. रात्रि में शय्याधिवास और प्रसाद वितरण होगा. वहीं अंतिम दिन एक मई को पंचांगपीठ और वेदी पूजन के उपरांत श्री विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा का मुख्य अनुष्ठान संपन्न होगा. इसके बाद षोडशोपचार पूजन, रुद्राभिषेक, हवन और महापूर्णाहुति दी जायेगी. कार्यक्रम का समापन आरती, पुष्पांजलि, विसर्जन और विशाल भंडारे (प्रसाद वितरण) के साथ होगा. आयोजकों ने “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो ” के संकल्प के साथ समस्त धर्मप्रेमी जनता को इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर पुण्य लाभ कमाने का आह्वान किया है. काशी के पंडितों की उपस्थिति से कार्यक्रम और भी विशेष एवं आध्यात्मिक बनेगा.
बजरंग बली मंदिर में तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 29 से
गोड्डा के सरकंडा चौक पर नवनिर्मित बजरंगबली मंदिर में 29 अप्रैल से तीन दिवसीय श्री विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित होगा। पहले दिन आंग प्रायश्चित, कलश शोभायात्रा, पुण्याहवाचन, पंचांगपीठ पूजन और आरती का आयोजन होगा। दूसरे दिन पंचांगपीठ पूजन, वेदी पूजन, नगर भ्रमण और काशी के पंडितों द्वारा गंगा महाआरती होगी। अंतिम दिन प्राण प्रतिष्ठा, षोडशोपचार पूजन, रुद्राभिषेक, हवन और महापूर्णाहुति सम्पन्न होगी। कार्यक्रम का समापन आरती, पुष्पांजलि, विसर्जन और विशाल भंडारे के साथ होगा। आयोजकों ने "धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो " का संकल्प लेकर सभी धर्मप्रेमियों को इस पावन अवसर पर शामिल होने का आह्वान किया है।
