पोड़ैयाहाट प्रखंड क्षेत्र के सकरी फुलवार में 25 जनवरी को आयोजित होने वाले आदिवासी जतरा पर्व की तैयारियां पूरी जोरों पर है. यह पर्व आदिवासी समुदाय की संस्कृति, एकता और परंपराओं का प्रतीक है. जतरा के दौरान नाच-गान, पारंपरिक वेशभूषा, मांदर की थाप और लोक कलाओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा. यह आयोजन सामाजिक सद्भाव बढ़ाने के साथ युवाओं को उनकी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का भी कार्य करता है. पर्व की सफलता के लिए मैदानों को सजाने, सांस्कृतिक कार्यक्रम की योजना बनाने और सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है. स्थानीय निवासी नंदकिशोर सोरेन ने बताया कि जतरा आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करता है और सभी जातियों एवं वर्गों को एक साथ लाकर सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत बनाता है. जतरा पर्व के माध्यम से लोक परंपराओं, भाषा और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को संरक्षित करने का प्रयास किया जाता है. कार्यक्रम में मांदर, ढोल, नगाड़ा की धुन पर कलाकार प्रस्तुतियां देंगे, जो युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने में सहायक होंगी.
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