महागामा नगर पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है. जर्जर कचरा वाहनों से कचरा उठाने के कारण गंदगी का स्तर बढ़ता जा रहा है. खराब स्थिति में पड़े ये वाहन न केवल कचरा उठाने में अक्षम हैं, बल्कि विभिन्न वार्डों के रास्ते में कचरा गिरने से दुर्गंध और प्रदूषण का भी कारण बन रहा है. स्थानीय नगर निवासियों का कहना है कि नगर पंचायत के पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही सही योजना, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में स्वच्छता अभियान प्रभावित हो रहा है. कचरा वाहन जर्जर होने के बावजूद उनका इस्तेमाल जारी है. इससे कचरा उठाने में देरी होती है, जिससे सड़कों और गलियों में गंदगी फैल जाती है. कचरे के ढेर पर आवारा पशु मंडराते रहते है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है.
नये और सक्षम वाहनों के व्यवस्था करने की मांग
नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों ने कार्यपालक पदाधिकारी आशीष कुमार से कचरा उठाने के लिए नये और सक्षम वाहनों की व्यवस्था करने की मांग की है. स्थानीय निवासी शशिकांत जायसवाल, चंदन कुमार, मनोज कुमार ने बताया कि पुराने और जर्जर वाहनों से समुचित कचरा उठाव संभव नही है इससे स्वच्छ भारत अभियान का प्रयास विफल साबित हो रहा है. हर रोज गंदगी और दुर्गंध में जीने को मजबूर है.वाहन की मरम्मत व खरीदारी को लेकर भेजा गया है प्रपोजल
वहीं इस संबंध में नगर पंचायत के जेई राहुल कुमार ने बताया कि महागामा नगर पंचायत में कचरा उठाव को लेकर तीन टैक्टर, पांच टीपर है, जिसमें से एक टीपर खराब है. कचरा उठाव को लेकर एक भी मिनी ट्रैक्टर उपलब्ध नहीं है. बताया कि जर्जर कचरा उठाव वाहन की मरम्मत व खरीदारी को लेकर विभाग को प्रपोजल भेजा गया है. जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा. इधर नगर प्रशासन से स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है ताकि महागामा में स्वच्छता का वातावरण बन सके।
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