गोड्डा शहर के असनबनी मुहल्ले के मदरसा इस्लामियां में मौलवी पद की बहाली में बड़ा खेल हो रहा है. मामला सामने आने पर स्थानीय अलग-अलग तीन आवेदनों में करीब 100 ग्रामीणों ने डीसी से लेकर अधिविद परिषद व शिक्षा विभाग को लगातार पत्र लिखकर कारनामें का खुलासा किया है. हालांकि पहले तो मामले को आया-गया बताकर शिक्षा विभाग की ओर से हल्के में लिया गया, मगर मामला जब कंठ में फंसे मछली के कांटे का रूप ले लिया, तब सभी हरकत में आ गये.
प्रधान मौलवी ने विज्ञापन में फर्जी दस्तखत किये जाने का लगाया आरोप
मामले को लेकर ग्रामीणों की ओर से कई बातों का उल्लेख आवेदन में किया गया है. इन प्रमुख बातों में मदरसा के सहायक शिक्षक जो पहले मदरसा के प्रधान मौलवी थे, उनकी ओर से आरोप लगाया गया है कि मौलवी पद के लिए निकाले गये विज्ञापन में उनका फर्जी दस्तखत किया गया है. बताया गया कि मदरसा के चार पद पर बहाली को लेकर निकाले गये विज्ञापन में आलिम, मौलवी, आइए प्रशिक्षित एवं हाफिज के पद पर बहाली हाेना है. विज्ञापन में हाफिज पद को छोड़कर उस स्थान पर मैट्रिक पास शिक्षक पद बहाली दिखाया गया है. यह विज्ञापन दिनांक 8 फरवरी 2025 को प्रकाशित किया गया है. इस मामले में राज्य सरकार के विभागीय नियमों को ताक पर रखकर काम किया गया है. बहाली को लेकर उम्र का कट ऑफ डेट एक जनवरी 2025 होना था, मगर मदरसा के संबंधित पदाधिकारियों ने अपने निजी लोगों को बहाली का लाभ दिलाये जाने को लेकर उम्र की गणना तमाम नियमों को लांघकर 19 जनवरी 2023 यानि तीन साल पीछे कर दिया है. इससे वैसे व्यक्तियों को लाभ मिल रहा है, जिसकी उम्र सीमा निकल गयी है. प्रकाशित विज्ञापन में आलिम प्रशिक्षित पद के लिए वेतनमान (5200 20200), ग्रेड वेतन-2400 की जगह विज्ञापन में (5200- 2020) दर्शाया गया है. वहीं विभागीय सचिव अधिविद्य रांची के आदेश में एनसीटीइ के तहत मदरसा में बहाली किया जाना है, मगर मामला बस्ते में डाल दिया गया है. यहां मैट्रिक प्रशिक्षित पद के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत न्यूनतम इंटर प्रशिक्षित होना आवश्यक है. तमाम मामले को लेकर विभाग को पत्र दिये जाने के बाद डीसी द्वारा आवश्यक रूप से पहल करने की बात कही गयी है.
आवेदन पर डीइओ की ओर से करायी गयी मदरसा मामले की जांच
जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय से जारी पत्र के पत्रांक 315 में मदरसा इस्लामियां असनबनी के प्रधान मौलवी, सचिव व अध्यक्ष को पत्र जारी किया है. उल्लेख किया है कि मुहल्ले के मो जावेद अख्तर एवं 17 अन्य के साथ ही मो मुस्तकीम व 55 ग्रामीणों के साथ मो फैयाज अंसारी एवं 19 अन्य के हस्ताक्षर वाले आवेदन में मदरसा के खिलाफ परिवाद पत्र के निराकरण को लेकर 25 फरवरी 25 को मदरसा में सभी को उपस्थित होकर तमाम मामले पर सुनवाई कराने को कहा है. मामले को लेकर क्षेत्रीय शिक्षा निरीक्षक द्वारा मदरसे के जांच की बात कही गयी है. हालांकि जांच के पूरे मामले की जानकारी अब तक प्राप्त नहीं हुई है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
