गोड्डा जिले के विभिन्न प्रखंडों में इस वर्ष धान की बंपर पैदावार की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अब किसानों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. धान की फसल में गंधी कीट का प्रकोप तेजी से फैलने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है. जब धान की बालियां निकलने की स्थिति में हैं, तभी इन कीटों ने फसल को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. किसानों का कहना है कि कीट फूल खाकर फसल का उत्पादन घटा देते हैं. जिन खेतों में बालियां निकल चुकी हैं, वहां दाने नहीं बन पा रहे हैं. कई जगहों पर कीड़े धान को काटकर जमीन पर गिरा दे रहे हैं, जिससे फसल सूख रही है और बर्बाद हो रही है. कुछ किसानों ने बताया कि शुरूआती दौर में धान की पत्तियों में खैरा रोग के लक्षण दिखायी दिये थे. हालांकि बारिश की वजह से फसल कुछ हद तक बच गयी थी, लेकिन अब गंधी कीट के हमले ने नुकसान बढ़ा दिया है. किसानों का आरोप है कि उन्होंने कृषि सलाहकारों और समन्वयकों को समस्या की जानकारी दी, लेकिन कोई भी खेतों तक नहीं पहुंचा. किसानों ने जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) से मांग किया है कि तत्काल खेतों की जांच कर कीट नियंत्रण की व्यवस्था की जाये, ताकि फसल को बचाया जा सके. अगर समय रहते रोकथाम नहीं की गयी, तो किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है.
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